Gandhi परिवार का बड़ा दाव | चल गया तो Congress की होगी पौ बारह | - instathreads

Gandhi परिवार का बड़ा दाव | चल गया तो Congress की होगी पौ बारह |

हम आह भी भरते हैं तो सारे बाजार चर्चा
होती है वह कत्ल भी करते हैं तो किसी को
खबर तक नहीं होती नमस्कार मेरा नाम है
प्रदीप चौहान और आप देख रहे हैं मेरा चैनल

खबर हट बात समझनी है तो पूरी सुननी होगी
और उसके लिए अगर आपने अभी तक मेरा चैनल
सब्सक्राइब नहीं किया है तो प्लीज चैनल को
सब्सक्राइब कर लीजिए दरअसल यह चर्चा आहा

किसके बारे में हो रही है यह आपको शायद आज
मालूम ही होगा चुनावी बाजार में चर्चा एक
ही है कि सोनिया गांधी इस बार इस बार क्या
पहली बार राज्यसभा जाएंगी वो भी राजस्थान

से सबकी जुबा पर एक ही सवाल है कि सोनिया
गांधी राज्यसभा से क्यों जा रही है लोकसभा
क्यों नहीं लड़ रही और दूसरी बात अगर वह
राज्यसभा गई भी है तो राजस्थान ही क्यों
चुना दरअसल इसके पीछे एक मास्टर स्ट्रोक
है

मास्टर स्ट्रोक ऐसा है कि अगर वह सही चल
गया तो बीजेपी के बहुत से सपने अधूरे रह
सकते हैं और इसी बीच राहुल गांधी ने भी एक
मास्टर स्ट्रोक चला है दोनों मास्टर
स्ट्रोक की बात करते हैं लेकिन शुरुआत उस

खबर की जिक्र करना जरूरी है उस खबर के
बारे में बात करना जरूरी है जो इस वक्त
हॉट टॉपिक है और वह है दिल्ली में चल रहा
किसान

आंदोलन आज भी स्थिति जस की तस रही आपको
मालूम है किसानों के साथ किस तरह का बर्बर
जो बर्ताव है वह हो रहा है अथॉरिटीज के
द्वारा वह सब देख रहे हैं यह अलग बात है

कि गोदी मीडिया नहीं दिखा रही इसको देखने
के लिए आपको सोशल मीडिया पर जाना पड़ेगा
लेकिन दिख सब रहा है और किसान भी पीछे
हटने को तैयार नहीं किसान भी कह रहे हैं

कि ईंट का जवाब पत्थर से देंगे और छाती
टान खड़े हैं अब इसी किसान आंदोलन के साथ
अब राहुल गांधी भी पहले इनडायरेक्टली
जुड़े थे अब डायरेक्टली जुड़ने की कोशिश

कर रहे हैं पहले तो राहुल गांधी ने आज एक
घायल किसान से बात की जो पंजाब के
कांग्रेस के अध्यक्ष है उन्होंने उस घायल
किसान की बात कराई राहुल गांधी से जरा

पहले वो सुनिएल जी कैसे हैं आप बढ़िया सर
कहां चोट लगी आपको सर मेरे एक आंख में और
दोनों हाथों प छर्रे लगे हुए हैं गोलियो
के

सर अच्छा पुलिस वालों ने मारे पुलिस वालों
ने डायरेक्ट गोली हिट की है
जी अच्छा आंख में तो नहीं लगी ना आंख में
सर डायरेक्ट एक छर्रा लगा हुआ है बाकी

हाथों दोनों हाथों पे है जी साइलेंट अरे
भाई आपकी आंख दिख रहा है आपको ठीक से या
आंख डैमेज हो गई है नहीं डैमेज तो नहीं है
सर ऊपर जो पलक होती है उसके ऊपर ही चोट है

बाकी इस बातचीत के बाद राहुल गांधी को लगा
कि इस वक्त दरअसल उनकी भारत जोड़ो न्याय
यात्रा से ज्यादा अहम किसान आंदोलन है
किसान आंदोलन सिर्फ देश में सुर्खिया नहीं

बटोर रहा पूरे विदेश में पूरी दुनिया में
मीडिया की नजरें इस पर है और हर देश ने
इसको दिखाया है हर देश की मीडिया इसको कवर
कर रही है और किस तरह की किसानों के साथ
एक दुश्मन सैनिक या दुश्मन सेना का जैसा

व्यवहार किया जा रहा है वह भी सबने देखा
है तो राहुल गांधी ने भी सुना है कि अपनी
भारत जोड़ो न्याय यात्रा झारखंड में बीच
में रोककर सीधा दिल्ली की तरफ कूज कर दिया

है और वोह इस किसान आंदोलन के साथ जुड़ना
चाहते हैं किसान आंदोलन में जुड़ने की वजह
से जैसे ही खबर राहुल गांधी के जुड़ने की
खबर आई तो जाहिर सी बात है कि बीजेपी पिल
पिला गई और बीजेपी का हर ट्रोल नेता हर

ट्रोल आर्मी हर प्रोपेगेंडा आर्मी राहुल
गांधी के पीछे पड़ गई अब मैं वह आपको
ट्रोल क्या दिखाऊं नहीं दिखाऊंगा लेकिन
वैसे ही बता देता हूं आपको कि सुबह से जब

से राहुल गांधी के किसानों के साथ खड़े
होने की खबर आई है लगातार उनकी राजनीति को
लेकर किसानों के आंदोलन को बदनाम करने में
पूरी आर्मी जुट गई है यह दरअसल राहुल
गांधी ने जिसको कहते हैं ना कि मौके पर

चौका मारा मौके पर चौका मारने की कोशिश की
राहुल गांधी ने उन्हें वैसे भी आज यात्रा
से राजस्थान जाना था सोनिया गांधी के जब
दाखिल करना था राज्यसभा के लिए वहां खड़े

थे उसके बाद वोह सीधा दिल्ली आ गए अब
क्यों राहुल गांधी को लगा कि दिल्ली आया
जाए और किसानों से किसानों के साथ खड़ा
हुआ जाए और क्यों सोनिया गांधी ने
राजस्थान को चुना राज्यसभा जाने के लिए

सबसे पहले बात तो यह है कि राज्यसभा ही
क्यों चुना वह लोकसभा क्यों नहीं लड़ रही
इसका सीधा-सीधा जवाब है कि सोनिया गांधी
की तबीयत हम सबको मालूम है कि नासाज रहती

है वह अब उतनी एक्टिव नहीं है जितना एक
लोकसभा एमपी को होना चाहिए क्योंकि लोकसभा
जब आप लड़ते हैं लोकसभा में जब आप चुन के
जाते हैं तो आप प एक रिस्पांसिबिलिटी होती
है कि आपको अपनी कंसीट एंसी में जाना

पड़ता है लोगों की समस्याएं सुननी पड़ती
है सुलझा पड़ती है उनकी मदद करनी पड़ती है
लेकिन सोनिया गांधी की तबीयत कुछ इस कदर
नासाज रहती है कि अब उनके लिए यह करना
बहुत मुश्किल हो गया है इसलिए सोनिया

गांधी ने इस बार राज्यसभा का रास्ता चुना
है अब इसमें एक उनका स्वार्थ भी है इसको
बोलने में कोई हर्ज नहीं है मेरे ख्याल से
कांग्रेस को भी मानना चाहिए कि सोनिया

गांधी राज्यसभा में जाकर दरअसल एक चीज सेव
करना चाहती जो दिल्ली में उन्हें घर मिला
है वह घर उनके पास रहे क्योंकि इस वक्त ना
राहुल गांधी के पास कोई घर है और ना गांधी

परिवार का कोई अपना घर है तो अगर सोनिया
गांधी संसद में रहेंगी तो वह घर उनके पास
रहेगा और राय बरेली में क्योंकि इस बार
जिस तरह से बीजेपी ने पूरी एक प्लानिंग कर

रखी थी कि राय बरेली में सोनिया गांधी को
हराने के लिए पूरा दम लगा गाने के लिए
तैयार थी तो एक रिस्क फैक्टर कहीं ना कहीं
था यह ईमानदारी की बात है इसलिए सोनिया
गांधी को राज्यसभा में भेजा गया क्योंकि

सोनिया गांधी उतना अग्रेसिव कैंपेन अपने
लिए नहीं कर सकती थी इस बार जितना जरूरत
थी वहां पर तो राज्यसभा बेहतर ऑप्शन था और
उन्होंने राज्यसभा चुना अब इसके दो मायने

निकलते हैं पहला मायना तो यह है कि साफ
बिल्कुल साफ संदेश है कि उन्होंने अपनी
बेटी प्रियंका गांधी के लिए रास्ता खोल
दिया है चुनावी राजनीति में आने का

प्रियंका गांधी बड़ा चेहरा है कांग्रेस का
ट्रेट चेहरा है लोगों को जो है वह खींचती
है स्टार प्रचारक हैं लेकिन अभी तक चुनावी
राजनीति में वह नहीं उतरे पहली बार अब

उन्हें उतरने का मौका मिलने वाला है ऐसी
पूरी संभावना है और वह भी अपनी ट्रेडिशनल
सीट अपनी मां की सीट रायबरेली से सोनिया
गांधी के बनिस्बत प्रियंका गांधी के लिए

राय बरेली का चुनाव लड़ना ज्यादा आसान है
क्योंकि वैसे भी जब सोनिया गांधी चुनाव
लड़ती थी तो वहां जो मैनेज करती थी वो
प्रियंका गांधी ही करती थी प्रियंका गांधी

उस च की गली-गली से वाकिफ है प्रियंका
गांधी का कनेक्ट भी वहां बहुत अच्छा है
इसलिए माना जा रहा था कि सोनिया गांधी से
ज्यादा प्रियंका गांधी के लिए वो सीट

बिल्कुल सेफ है प्रियंका गांधी वहां आराम
से अच्छे मार्डन से जीत जाएंगी और साथ में
समाजवादी पार्टी का जो है वह साथ तो रहेगा
ही एक समर्थन रहेगा जाहिर सी बात है और

दूसरी बात कहीं ना कहीं मायावती जो बीएसपी
है वो भी डायरेक्टली इनडायरेक्टली सोनिया
गांधी और प्रियंका गांधी इनको समर्थन
करेंगी सोनिया गांधी को भी करती थी वोह

प्रियंका गांधी को भी करेंगी इसलिए
प्रियंका गांधी वहां से संसद पहुंच जाएंगी
आराम से ऐसी उम्मीद की जा रही है और साथ
ही उत्तर प्रदेश का जो काड रा है बीजेपी
कांग्रेस का उसको संदेश देने के लिए उसमें

एक नई जान फूंकने के लिए प्रियंका गांधी
को राय बरेली से उतारा जाएगा आपको मालूम
है प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में
काम भी किया है और प्रियंका गांधी उत्तर

प्रदेश में काफी हद तक संगठन की जड़ तक
पहुंच चुकी थी समस्या जान चुकी है अब ऐसे
में अगर प्रियंका गांधी वहां से लड़ती हैं
तो नया जोश आता है पार्टी कार्यकर्ता में

नया जोश आता है पार्टी कैडर में इसलिए
प्रियंका गांधी को राय बरेली से उतरना
उतारना कांग्रेस के लिए एक मास्टर स्ट्रोक
साबित हो सकता है वो भी तब अगर राहुल
गांधी अमेठी से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो

क्योंकि उत्तर प्रदेश गांधी परिवार नहीं
छोड़ सकता नेहरू से लेकर अब तक उत्तर
प्रदेश ने गांधी परिवार का साथ दिया है
अगर ऐसे में सोनिया गांधी राज्यसभा चली
जाती है और राहुल गांधी वायनाड से लड़ते

हैं तो फिर उत्तर प्रदेश प्रियंका गांधी
ही बचती है जो गांधी परिवार का वहां पर
रिप्रेजेंटेशन करेंगी पहला मास्टर स्ट्रोक
ये दूसरा मास्टर स्ट्रोक सोनिया गांधी कहे

कि उन्होंने जो राजस्थान चुना वो बहुत सोच
समझ के चुना उसकी सीधी सधी वजह है एक तो
जो बीजेपी की जो लगातार दो बार से 25-25
सीटें राजस्थान से आ रही हैं व कांग्रेस

इस इस बार किसी भी हालत में उसकी हैट्रिक
नहीं होने देना चाहती किसी भी हालत में व
आंकड़ा नीचे लाना चाहती है और ऐसे में
सोनिया गांधी का राजस्थान से आना एक बहुत

जबरदस्त तरीके से एक संदेश देता है
राजस्थान को कि देखिए अब गांधी परिवार ने
आपके राज्य को अपना लिया है वायनाड को जब
राहुल गांधी गए जब अपनाया तो बहुत वायनाड
में क्या-क्या स्कीम्स कितने वो सब गई वो

सबको मालूम है अमेठी में राहुल गांधी
क्या-क्या स्कीम्स लेके गए हैं वो भी
मालूम है गांधी परिवार जब भी वहां रहा है
राय भरेली में भी कितनी सारी चीजें गई है

तो जब राजस्थान को ये संदेश गया है कि
गांधी परिवार ने अब इसको अपना लिया है तो
एक इफेक्ट पड़ेगा लोकसभा चुनाव में पहली
वजह तो ये दूसरी वजह यह है कि अगर सोनिया
गांधी राजस्थान में जा रही हैं तो इसका

मतलब है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट दो
खेमों में बढते नजर नहीं आएंगे लोकसभा
चुनाव में सोनिया गांधी के होते हुए यह
लोग अपनी अपनी खेमे बंदी नहीं कर सकते

पॉइंट नंबर तीन अगर सोनिया गांधी राजस्थान
से राज्यसभा जा रही है तो इसका मतलब
साफ-साफ संदेश है कि अशोक गहलोत हो चाहे
सचिन पायलट हो चाहे गोविंद सिंह डोटा हो
या और कोई कांग्रेस के बड़े नेता हो

लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी रखनी पड़ेगी
यानी पार्टी इन चेहरों पर दाव लगाने के
लिए तैयार है सोनिया गांधी का राजस्थान
आने का एक के भी मतलब है पॉइंट नंबर तीन
सोनिया गांधी ने राजस्थान इसलिए

चुना क्योंकि राहुल गांधी अगर वायनाड से
जाते हैं तो दक्षिण भारत रिप्रेजेंटेशन हो
जाता है मल्लिकार्जुन खड़ के पार्टी
अध्यक्ष दक्षिण भारत से हैं अब जनरल

सेक्रेटरी ऑर्गेनाइजेशन केसी वेण गोपाल
दक्षिण भारत से हैं जयराम रमेश सबसे प्रखर
प्रवक्ता दक्षिण भारत से हैं हैवी वेट
नेता पी चि दम रम दक्षिण भारत से अब ऐसे
में अगर सोनिया गांधी भी तेलंगाना या

कर्नाटक कहीं चुन लेती तो फिर मैसेज ठीक
नहीं जाता फिर यह बात बहुत पक्की हो जाती
है जो बीजेपी का आरोप है कि दक्षिण की
पार्टी बनक रह गई है कांग्रेस उस छवि को

और मजबूती ना मिले वो छवि को और ज्यादा
ताकत ना मिले बीजेपी को और मसाला ना मिले
इसलिए सोनिया गांधी ने हिंदी पट्टी बेल्ट
को चुना है आप यह समझिए कि सोनिया गांधी

का राज्यसभा राजस्थान से जाना सिर्फ
राजस्थान तक सीमित नहीं है राजस्थान से
सोनिया गांधी का जाना मध्य प्रदेश तक
निशाना है कांग्रेस का हिंदी पट्टी
बेसिकली जो हिंदी पट्टी राज्य हैं अ

राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ यह सारे
सोनिया गांधी की एक राज्यसभा जाने से
निशाने पर कांग्रेस ने लिए हैं इन सब जगह
एक मैसेजिंग करने की कोशिश की है अब आप
कहेंगे कि उत्तर प्रदेश से भी की जा सकती

थी उत्तर प्रदेश में मैंने कहा ना कि
प्रियंका गांधी अगर वहां से रिप्रेजेंट
करती है तो उत्तर प्रदेश तो होता ही है
यानी कि गांधी परिवार तीन सदस्य हैं तीनों
सदस्य तीन अलग-अलग कोने संभालना चाहती है

राहुल गांधी के सहारे दक्षिण प्रियंका
गांधी के सहारे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
और हिमाचल साथ लगता हुआ और सोनिया गांधी
के सहारे मध्य प्रदेश राजस्थान और
छत्तीसगढ़ को जो है वो निशाना बनाना चाहती

है कांग्रेस इसलिए एक मास्टर स्ट्रोक है
अगर चल गया अगर ये मास्टर स्ट्रोक
कांग्रेस का चल गया तो फिर कांग्रेस की
बल्ले बल्ले और बीजेपी की मुश्किलात लेकिन

अगर कहीं यह मास्टर स्ट्रोक नहीं चला तो
फिर कांग्रेस की किरकिर भी बहुत होगी कि
एक तो राज्यसभा में भेज दिया सोनिया गांधी

को जो सबसे बड़ा चेहरा आज की डेट में भी
आप मानि चाहे ना माने राहुल गांधी जितनी
मर्जी यात्रा कर ले जितना मर्जी कर ले
लेकिन आज भी कांग्रेस में अगर कोई सबसे

बड़ा चेहरा है तो वो है सोनिया गांधी और
इसीलिए सोनिया गांधी के राजस्थान से
राज्यसभा जाने की वजह से वहां का नेतृत्व

है वह भी बहुत खुश हैम कार्यकर्ताओं में
और आम लोगों में ब उसा है क्योंकि सोनिया
गांधी जी का राज रिश्ता जो है बहुत पुराना
है मुझे याद है जब राजीव गांधी जी

प्रधानमंत्री बने थे प्रधानमंत्री बनते ही
जो दौरे उन्होंने शुरू कि आदिवासी
क्षेत्रों में
उस वक्त भी उनके साथ आई थी और इतिहास उने
बना दिया और सबसे बड़ी बात है

प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया ें गर्व है
कि जिसने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया हो वह
एक महान
नेता और व किसी राज्य में जाकर बन सकती थी
राजसभा मेंबर उन्होंने चयन किया अगर

राजस्थान का आज यह खबर पूरे देश में
दुनिया में जाएगी सोनिया गांधी जी जो महान
नेता देश की वो
उन्होंने राजसभा में राजस्थान से जाने का

चयन किया है हमने दो मास्टर स्ट्रोक की
बात की प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश
रायबरेली से और दूसरा सोनिया गांधी का
राजस्थान जाना अब तीसरा मास्टर शोक जो बीच

में रह गई थी बात वो राहुल गांधी का किसान
आंदोलन के बीच में कूद पड़ना या किसानों
के साथ खड़े होना देखिए राहुल गांधी ने कल
घोषणा की कि ज अगर इंडिया की सरकार आती है

इंडिया गठबंधन की तो वह एमएसपी लागू करेगी
और स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू करें
उसके बाद एक वीडियो वायरल होता है
स्वामीनाथन की बेटी का जिसमें वह सरकार जो

फिलहाल किसानों के साथ कर रही है उसको
बहुत जो है ना व बहुत सधे हुए शब्दों में
उसको क्रिटिसाइज कर रही है वड लाइक टू
जस्ट से वन वर्ड मोर
टुडे डॉक्टर ए के सिंह रिफर टू एस द

अन्नदाता द फार्मर्स ऑफ पंजाब टुडे
मार्चिंग टू
दिल्ली आई बिलीव अकॉर्डिंग टू द न्यूजपेपर
रिपोर्ट देर जेल बी प्रपे फरम इन हरियाना
देर बिक देर आर ल का थंगी न ू

प्रिवेंट स फामस देर न
क्रिमिनल आई रिक्वेस्ट ल ऑ यू द लीडिंग
साइंटिस्ट ऑ
[प्रशंसा]
इंडियाक अता कन ट्रीट देम क्रिमिनल वी हैव
टू फाइंड
सलूशन प्लीज दिस इ माय रिक्वेस्ट आई थिंक
इ व हैव टू
कंटिन्यू एंड ऑनर एस

स्वामीनाथन वी हैव टू टेक द फार्मर्स विथ
अस इन व्ट एवर स्ट्रेटजी ट वी आर प्लानिंग
फॉर द फ्यूचर थैंक यू अब स्वामीनाथन की
बेटी के वीडियो के बाद मुझे लगता है राहुल
गांधी को कहीं ना कहीं यह बात समझ में आ

गई कि उनकी यात्रा को इंटरनेशनल कवरेज
मिले ना मिले नेशनल कवरेज मिले ना मिले
लेकिन यह किसान आंदोलन जो है वह पूरी
दुनिया की मीडिया की नजर उस पर है और झक

मार के गोदी मीडिया को आज नहीं तो कल य
किसान आंदोलन को स्पेस देना ही
पड़ेगा किसान आंदोलन पर बात करनी ही
पड़ेगी और अगर किसान आंदोलन जितना बड़ा
होता जाएगा उस बीच राहुल गांधी की यात्रा

को स्पेस कम मिलता जाएगा हम जैसे यूटर भी
शायद किसान आंदोलन पर ज्यादा फोकस हो जाए
राहुल गांधी की यात्रा की वैसे इसलिए
राहुल गांधी को लगा कि ज्यादा बेटर है कि

इस वक्त मौके की नजाकत को समझते हुए
यात्रा को फिलहाल रोक के किसान आंदोलन पे
बात की जाए किसानों से बात की जाए इससे एक
पन दो काज हो जाते हैं एक तो आपको मुद्दा
मिल जाता है सरकार को घेरने का क्योंकि

चुनाव बिल्कुल सिर पर खड़े हैं और दूसरा
आपको किसानों के साथ खड़े होने की वजह से
किसानों का जो एक समर्थन है या किसानों का
एक जो साथ है वह मिल जाता है अब किसानों
के साथ मिलने से आप पंजाब पकड़ लेते हैं

हरियाणा मजबूत कर लेते हैं वेस्टर्न यूपी
मजबूत कर लेते हैं आप मध्य प्रदेश मजबूत
कर लेते हैं राजस्थान मजबूत कर लेते हैं
इतने सारे जगह के किसानों को किसानों का

समर्थन अगर आपके साथ हो जाता है तो फिर
पार्टी को बहुत फायदा होगा लोकसभा चुनाव
में और इस बार तो तमिलनाडु और कर्नाटक से
भी किसान आए हैं इस आंदोलन में भाग लेने

के लिए तो सोचिए फिर अगर राहुल गांधी अगर
इस किसान आंदोलन के जरिए कहीं किसानों के
बीच में अपनी बनाने में कामयाब हो पाते
हैं तो मार बहुत दूर तक रहेगी उसका फायदा

बहुत दूर तक पड़ेगा और अगर भारत जोड़ो
न्याय यात्रा से ज्यादा किसान आंदोलन से
फायदा हो रहा है कांग्रेस को पॉलिटिकली
फायदा चुनावी फायदा हो रहा है तो इसमें

क्या बुरा और साथ ही किसानों के साथ खड़े
होकर एक संदेश दे दे कि कांग्रेस किसान
हिताशी थी किसान हिताशी है और किसान
हिताशी रहेगी क्योंकि जो यह सरकार कह रही

है ना कि स्वामीनाथन रिपोर्ट कांग्रेस ने
क्यों नहीं लागू की कांग्रेस का कहना है
कि स्वामीनाथन की जो रिपोर्ट की जो
सिफारिशें थी 201 या ऐसे कुछ 210 ऐसी
सिफारिशें थी जिसमें से 175 175 सिफारिशें

कांग्रेस सरकार या यूपीए सरकार लागू कर
चुकी थी बाकी बची इस सरकार को करनी थी तो
यह बात और यह जो एंगल है यह लोगों तक
पहुंचाना बहुत जरूरी है और इसके लिए जरूरी
है कि राहुल गांधी जैसा नेता सामने आया और

किसानों के साथ मिलकर यह अपनी बात कहे तो
इसलिए मुझे लगता है कि अगर तीनों चीजें
प्रियंका सोनिया और राहुल गांधी वाला जो
कोशिश कांग्रेस की अभी है जो एक तीर चला

है कांग्रेस ने अगर य सही निशाने पर लगता
है तो कांग्रेस को तो फायदा होगा ही होगा
बीजेपी को बहुत नुकसान होगा लेकिन साथ में
यह भी रिस्क है कि अगर यह तीर या यह ट्रंप

कार्ड नहीं चला तो फिर थोड़ी सी मुश्किलात
हो जाएगी फिर प्रियंका गांधी की भी पहली
लड़ाई मुश्किल हो जाएगी और जो कांग्रेस
राहुल गांधी के सहारे बहुत उमीद करके बैठी

है उसको भी थोड़ा झटका लगेगा सोनिया गांधी
तो राज्यसभा पहुंची जाएंगी खैर उसमें कोई
दिक्कत नहीं है लेकिन मैसेजिंग यही जाएगा
कि सोनिया गांधी ने हार के डर से लोकसभा

छोड़कर राज्यसभा चुनी है ऐसे में कांग्रेस
कभी नहीं चाहेगी कि इस तरह का मैसेजिंग
जाए इसलिए अब डू और डाई सिचुएशन कांग्रेस
के लिए हैय जो सारे कदम इस वक्त कांग्रेस
उठा रही है एक चीज और बता दूं य जो

कांग्रेस के इन सारे कदमों से एक चीज एक
निष्कर्ष बिल्कुल साफ निकल रहा है कि
कांग्रेस भी कहीं ना कहीं मान चुकी है
अंदर ही अंदर कि जो वह इंडिया गठबंधन वाला

एक मामला था वह कहीं छूट गया है वह होता
हुआ अब कांग्रेस को भी नजर नहीं आ रहा
कांग्रेस को वही पुराने सहयोगी रहेंगे
महाराष्ट्र में शरद पवार उद्धव ठाकरे
झारखंड
में जेएमएम बिहार में आरजेडी और एक उम्मीद
है कि अगर उत्तर प्रदेश में अखिलेश के साथ
अभी जो है गठबंधन होने की चांसेस हैं बस

एक वही उम्मीद बची है ममता बनर्जी वाली
उम्मीद भी कांग्रेस छोड़ चुकी है तो ऐसे
में इंडिया गठबंधन वाली उम्मीद तो
कांग्रेस ने छोड़ दी बेशक बोल भले ही रही
है कि इंडिया गठबंधन है है लेकिन अंदर

खाते में यह है कि उम्मीद खत्म है क्योंकि
जिस तरह से केजरीवाल भी या उनके आम आदमी
पार्टी भी कांग्रेस को तकने वाला काम कर
रही है कि कह रही दिल्ली में एक सीट भी
डिजर्व नहीं करते फिर भी एक सीट छोड़ रहे

हैं तो इतनी बेइज्जती के बाद तो मुझे नहीं
लगता कि कांग्रेस अब आम आदमी पार्टी के
साथ जा सकती है तो इसलिए ये कांग्रेस अब
इंडिविजुअल लड़ाई जहां-जहां उनके सहयोगी
नहीं है खास कर के हिंदी पट्टी में जहां

सीधी टक्कर है बीजेपी से वहां वहां अब इस
तरह के जो दाव है वह कांग्रेस चल रही है
और उम्मीद कर रही है कि यह दाव सफल हो जाए
फिलहाल इस वीडियो को यहीं खत्म करते हैं
अगले वीडियो में फिर आपसे मुलाकात होगी

अगर आप वीडियो पसंद आए तो लाइक जरूर
कीजिएगा दोस्तों के साथ शेयर कीजिएगा और
कमेंट बॉक्स में कमेंट करना मत भूलिए

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