IAS vs IPS : कौन कितना Powerful ? | DM vs SP: Who Is More Powerful In India ? - instathreads

IAS vs IPS : कौन कितना Powerful ? | DM vs SP: Who Is More Powerful In India ?

आईएएस और आईपीएस आखिर कौन है सबसे ज्यादा
पावरफुल देखिए एक के पास है राज्य का
प्रशासन तो दूसरा देखता है कानून का
अनुशासन एक सिंपल साधे कपड़ों में होता है
एडमिनिस्ट्रेशन का कप्तान तो दूसरा

चमचमाती खाकी वर्ती में संभालता है देश की
कमान नीतियां इंप्लीमेंट करना और सभी
डिपार्टमेंट को कंट्रोल करना होता है
आईएएस का काम वहीं पब्लिक सेफ्टी और
सिक्योरिटी को परफेक्टली मैनेज करना

दिलाता है आईपीएस को सम्मान लेकिन साफ
सवाल यहां पर यह आता है कि इन दोनों में
किसके हाथ होती है ज्यादा ताकत किसकी
अथॉरिटी होती है सबसे ऊपर और कौन करता है
किसके नीचे काम चलिए आज की वीडियो में यह
सब जानते

हैं दे आर द समवेद पुलिस आई वुड लाइक टू
बिगिन बाय एक्सप्रेसिंग माय प्रोफाउंड एंड
हार्टफेल्ट गेटट्यूब टू द नरेल प्रेसिडेंट
ऑफ इंडिया फॉर गिविंग अस टाइम कंपट
स्मार्ट करेज सेंसटाइज्ड

दे आर द आईपीएस ऑफिसर्स देखिए कहा जाता है
कि हमारे देश में अंग्रेजों ने चाहे जो भी
कुछ किया हो लेकिन जब वह गए तो दो चीजें
ऐसी छोड़कर गए जिनके लिए उनकी आज भी तारीफ
की जाती है एक हमारे देश का इंडियन रेलवेज

और दूसरा है यूपीएससी इसलिए आज भी हमारे
भारत में फादर ऑफ सिविल सर्विस चार्ल्स
कॉन वेलिस को कहा जाता है फिलहाल हम बात
करेंगे यूपीएससी की जिसके अंदर आने वाली
मेनली तीन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस की

पहली आईएएस दूसरी आईपीएस और तीसरी आईएफओएस
ये तीनों ही देश की सबसे बड़ी और पावरफुल
सर्विसेस होती हैं तीनों को ही क्रैक करने
के लिए आपको सेम यूपीएससी का ही पेपर देना
होता है जो दुनिया के सबसे डिफिकल्ट

एग्जाम में से एक माना जाता है और मेंस
एग्जाम और इंटरव्यू के बाद एक मेरिट लिस्ट
बनाई जाती है जिसमें सबसे ज्यादा रैंक
लाने वालों को आईएएस फिर आईपीएस और फिर
आईएफएस की जॉब मिलती है लेकिन एस्परेंस की
पहली पसंद अधिकतर आईएएस बनने की होती है

तो चलिए अब एक-एक करके आपको इनके
फंडामेंटल बेसिस पर डिफ फ्रेंस करके बताते
हैं इसमें इनके कई एस्पेक्ट्स को ध्यान
में रखा जाता है जैसे कि ट्रेनिंग
कंट्रोलिंग अथॉरिटी अपॉइंटेड बाय रोल्स

रैंक्स सैलरी एरिया वाइज ऑफिसर्स
डिपार्टमेंट्स दैट दे सर्व ड्रेस कोड जैसे
कई बेसिस पर हम इनमें अंतर देख सकते हैं
पर उससे पहले आपको यह जान लेना भी जरूरी
हो जाता है कि इन दोनों का क्या मतलब होता

है देखिए आईएएस का मतलब जो होता है वह है
इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस जिसे हम
किसी भी जिले का डीएम भी कहते हैं और
आईपीएस का मतलब मतलब होता है इंडियन पुलिस
सर्विसेस जिसे हम किसी भी जिले की पब्लिक

में लॉ एंड ऑर्डर के लिए जिम्मेदार मानते
हैं यह हमने केवल आपको इन दोनों के बारे
में एक छोटा सा इंट्रोडक्शन दिया है अब
देखा जाए तो इन दोनों के काम ही काफी
ज्यादा जरूरी और हाई लेवल के होते हैं तो

अब आपको बताते हैं कि इन दोनों में अंतर
क्या है नंबर वन कडरे कंट्रोल अथॉरिटी
देखिए आईएएस और आईपीएस दोनों ही ऑल इंडिया
सर्विसेस हैं लेकिन दोनों की कैड्रेस
अथॉरिटी अलग-अलग है आईएएस की कैडर

कंट्रोलिंग अथॉरिटी मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल
पब्लिक ग्रीवेंस और पेंशन के अंदर आती है
जो कि सीधे प्राइम मिनिस्टर के अंडर आती
है पर आईपीएस की कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी
होम मिनिस्ट्री के अंदर आती है जो कि सीधे

होम मिनिस्टर के अंडर होती है नंबर टू
ट्रेनिंग केवल यूपीएससी पेपर निकाल लेने
से किसी की भी पोस्टिंग नहीं होती
पोस्टिंग से पहले कैड को एक ट्रेनिंग से

होकर गुजरना होता है जो कि उन्हें फ्यूचर
में सफल ऑफिसर बनने के लिए ट्रेड करती हैं
और जहां यह ट्रेनिंग करवाई जाती है वह
किसी भी एस्परेंस के लिए जन्नत से कम नहीं
होती जी हां मसूरी की वादियों में बसा लाल

बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ
एडमिनिस्ट्रेशन यानी एलबीएस एड किसी भी
स्वर्ग से कम सुंदर और आलीशान नहीं है
चुने गए कैंडिडेट्स को यहां पहले 3 महीने

की ट्रेनिंग दी जाती है और इस कोर्स में
बेसिक एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स सिखाए जाते
हैं जिन्हें जानना हर सिविल सर्विस ऑफिसर
के लिए जरूरी हो जाता है पर 3 महीने बाद
आईएएस और आईपीएस की ट्रेनिंग में काफी

अंतर आ जाता है आईपीएस ऑफिसर्स को जहां
हैदराबाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल
पुलिस अकेडमी भेज दिया जाता है जहां
उन्हें पुलिस की ट्रेनिंग दी जाती है तो
वहीं आईएएस के कैंडिडेट अभी भी एलबीएस एन

एए में ही रहकर अपनी ट्रेनिंग पूरी करते
हैं जहां एक आईपीएस को घुर सवारी परेड और
हथियार चलाना सिखाया जाता है वहीं एक
आईएएस को इन तीन महीनों के बाद प्रोफेशनल
ट्रेनिंग दी जाती है इसमें एडमिनिस्ट्रेशन
पॉलिस और गवर्नेंस के हर सेक्टर की

जानकारी दी जाती है और आपको यहां पर यह
बता दें कि आईएएस ट्रेनिंग में टॉप करने
वाले कैंडिडेट्स को जहां मेडल मिलता है तो
वहीं आईपीएस ट्रेनिंग में टॉप करने वाले
कैंडिडेट्स को सर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा जाता

है अब अगर हम दोनों में अंतर देखें तो
आईपीएस की ट्रेनिंग ज्यादा डिफिकल्ट होती
है क्योंकि इसमें आपको मेंटली और फिजिकली
दोनों तरह से ट्रेन किया जाता है नंबर
थ्री पावर एंड रिस्पांसिबिलिटीज देखिए

किसी भी जिले में इन दोनों की पावर्स काफी
ज्यादा मायने रखती है आईएएस और आईपीएस
दोनों ही सेवाओं का जॉब प्रोफाइल बहुत
बहुत ही ब्रॉड होता है और दोनों ही बहुत

पावरफुल पोस्ट पर तैनात भी होते हैं लेकिन
आईएएस एक डीएम के रूप में काफी ज्यादा
पावरफुल होता है उसकी जिम्मेदारियों में
एक रीजन डिस्ट्रिक्ट डिपार्टमेंट का
एडमिनिस्ट्रेशन शामिल होता है उन्हें अपने

रिलेटेड फील्ड्स के विकास के लिए प्रपोजल
बनाने की जरूरत होती है और उन्हें सभी
पॉलिसीज को लागू करने के साथ-साथ
इंपॉर्टेंट डिसीजंस लेने के लिए

एग्जीक्यूटिव पावर्स भी दी जाती हैं वहीं
एक आईपीएस के पास केवल अपने डिपार्टमेंट
की जिम्मेदार होती है आईपीएस ऑफिसर्स को
अपराध की जांच करनी होती है और उस एरिया
में कानून व्यवस्था बनाए रखना होता है

जहां वह तैनात होते हैं वैसे डिस्ट्रिक्ट
के पुलिस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी डीएम
के पास ही होती है शहर में कर्फ्यू धारा
144 लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ी सभे डिसीजंस
डीएम लेते हैं भीड़ पर फायरिंग का ऑर्डर

भी डीएम ही दे सकता है आईपीएस भीड़ पर
फायरिंग का ऑर्डर नहीं दे सकता इतना ही
नहीं पुलिस ऑफिसर्स के ट्रांसफर्स के लिए
भी टीएम के अप्रूवल की जरूर जरूरत होती है

नंबर फोर स्कोप ऑफ ड्यूटी देखिए दोनों के
नाम से ही दोनों की स्कोप ऑफ ड्यूटी का
पता चल जाता है जैसे कि एक डीएम यानी
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के कई काम होते
हैं पूरे डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी उसी

के कंधों पर रहती है जिनमें लैंड
रिकॉर्ड्स रेवेन्यू लॉ एंड ऑर्डर
एग्रीकल्चर जैसे डिस्ट्रिक्ट के सभी
डिपार्टमेंट्स उसकी निगरानी में होते हैं
वहीं आईपीएस की फुल फॉर्म में ही पुलिस

शब्द का इस्तेमाल इस बात का साफ सबूत है
कि वह केवल जिले में आईपीएस एसएसपी रहते
हुए सिर्फ अपने पुलिस डिपार्टमेंट और
ट्रैफिक डिपार्टमेंट में ही काम कर सकता
है उसे केवल अपने जिले के लॉ एंड ऑर्डर पर

ध्यान देना है नंबर फाइव सैलरी अब देखा
जाए तो अधिकतर लोगों का सवाल बस यहीं आकर
खत्म हो जाता है कि भैया आखिर दोनों में
से सैलरी किसकी ज्यादा होती है कौन ज्यादा
कमाता है किसके हाथ में ज्यादा पैसा होता

है तो चलिए आपको बताते हैं देखिए इन लोगों
की पोस्ट को देखते हुए इनकी सैलरी डिसाइड
करने के भी अलग ही तरीके होते हैं जैसे
भारत में आईपीएस अधिकारी की सैलरी जो है

सेवंथ पे कमीशन के रिकमेंडेशंस के बाद से
काफी बेहतर हुई है आज इनकी सैलरी लगभग
56100 पर मंथ से लेकर ₹ 25000 पर मंथ तक
हो सकती है यह सीनियरिटी के अकॉर्डिंग भी

अलग-अलग होती है वहीं अगर बात करें आईएएस
की सैलरी की तो सेवंथ पे कमीशन की
रिकमेंडेशंस के बाद इनकी तनख्वा भी काफी
बेहतर हो गई है अब एक आईएएस की सैलरी ₹
6100 पर मंथ से लेकर 0000
पर मंथ तक तो हो सकती है और यह भी सिनियो

के अकॉर्डिंग अलग-अलग होती हैं लेकिन
आईएएस की सैलरी हमेशा आईपीएस से ज्यादा
होती है इसके अलावा दोनों ऑफिसर्स को
गवर्नमेंट हाउस गाड़ी एट्स की फैसिलिटी
प्रोवाइड जो है करवाई जाती है वहीं
इलेक्ट्रिसिटी वाटर मेडिकल एट्स इनके खर्च

के भुगतान में भी इन्हें बड़ी छूट मिलती
है नंबर सिक्स यूनिफॉर्म देखिए एक
यूनिफॉर्म ही है जिसे देखकर कोई भी आईपीएस
को पहचान सकता है इनकी चमकती यूनिफॉर्म ही
इन्हें आईएएस और एक आम नागरिक से अलग

बनाती है अब ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं
क्योंकि आईएएस ऑफिसर्स के लिए कोई खास
यूनिफॉर्म नहीं होती उन्हें बस गवर्नमेंट
इवेंट्स में फॉर्मल कपड़े पहनने होते हैं

लेकिन आईपीएस को उनकी
प्रिस्क्रिप्शन देती है जो उसे औरों से
अलग करती है आईपीएस की यूनिफॉर्म प्रमोशंस
के साथ-साथ बदलती जाती हैं उन्हें हर रैंक
के साथ कंधे पर सितारे तलवार और अशोक

चिन्ह लगाना होता है इस वजह से ही आम जनता
कपड़ों से आईएएस को नहीं बल्कि आईपीएस को
पहचान लेती है नंबर सिक्स टॉप पोस्ट अब एक
आईएएस के लिए भारत में टॉप पोस्ट कैबिनेट

सेक्रेटरी की होती है यह भारत की टॉप रैंक
होती है जिस पर सिर्फ एक आईएस ऑफिसर ही
तैनात किया जा सकता है अगर बात स्टेट की
हो तो सबसे बड़ी पोस्ट चीफ सेक्रेटरी की
की होती है जी हां और वो भी एक आईएएस

ऑफिसर को ही मिलती है यहां तक कि होम
सेक्रेटरी की पोस्ट पर भी एक आईएएस ऑफिसर
को ही तैनात किया जाता है वहीं एक आईपीएस
अपने राज्य का डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बन
सकता है सेंट्रल गवर्नमेंट में एक आईपीएस

ऑफिसर सीबीआई आईबी एंड रॉ का डायरेक्टर तक
बन सकता है और इसके साथ-साथ नेशनल
सिक्योरिटी एडवाइजर के पोस्ट पर भी आईपीएस
की तैनाती की जा सकती है तो चलिए अब
फाइनली आपको बता ही देते हैं कि अगर देखा
जाए तो एक आईएएस और आईपीएस में कौन ज्यादा

पावरफुल होता है देखिए आईएएस और आईपीएस की
रिस्पांसिबिलिटीज और पावर्स बिल्कुल अलग
होती है आईएएस ऑफिसर्स को पर्सनल और
ट्रेनिंग डिपार्टमेंट एंड पर्सनल पब्लिक

ग्रीवेंस एंड मिनिस्ट्री ऑफ पेंशंस
कंट्रोल करती है की तुलना में रिलेटिवली
ज्यादा होती है इसके साथ ही एक एरिया में
केवल एक आईएएस ऑफिसर होता है जबकि एक
एरिया में आईपीएस ऑफिसर की संख्या जरूरत

के अनुसार होती है कुल मिलाकर यह कहा जा
सकता है कि कहीं ना कहीं आईएएस ऑफिसर्स
पोस्ट पे और अधिकार के मामले में एक
आईपीएस ऑफिसर से थोड़ी ज्यादा पावर रखता

है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि एक आईएएस
आईपीएस के भी ऊपर होता है यह दोनों ही एक
साइकिल के दो पहिए जैसे होते हैं और दोनों

ही जरूरी होते हैं जिस तरह एक पहिया ठीक
से काम ना करें तो साइकिल को चलाना
मुश्किल हो जाता है उसी तरह किसी भी देश
के विकास के लिए इन दोनों का होना ही बेहद

जरूरी है और यह भी हो सकता है कि कई जगह
पर आप इनकी पावर को तोल मोल सकते हैं
लेकिन इन दोनों की ही गरिमा एक दूसरे से
एकदम इक्वल होती है दोनों ही देश की सेवा

के लिए काम करते हैं एक साधे कपड़ों में
तो एक खाकी वर्दी में लेकिन इनके लिए इनका
कर्म ही इनका धर्म होता है अब यह आप पर
डिपेंड करता है कि आप किसको ज्यादा तवज्जो
देते हैं और आप क्या बनने में इंटरेस्ट

रखते हैं वैसे जिन लोगों को फिजिकली काम
करने या ऑन ग्राउंड काम करना कम अच्छा
लगता है तो वो लोग आईएएस सेवा में जाते
हैं वहीं कुछ परवाने ऐसे भी होते हैं जो
मेरिट लिस्ट में भी अच्छी खासी रैंक आने

पर भी आईएएस बनना चाहते हैं और उसका सबसे
बड़ा रीजन होता है वो खाकी पर्दी जो अगर
एक बार किसी के बदन पर आ जाए तो उसकी
वैल्यू खुद
बखुदा में कंधों पर लगा अशोक चिन्ह ही

उनकी सफलता का सबसे बड़ा प्रतीक होता है
तो उम्मीद है कि आपको आज अच्छे से एक
आईएएस और आईपीएस की पावर के बारे में
नॉलेज हो गई होगी तो अगर आप में से कोई
आईएएस या फिर आईपीएस बनने की तैयारी कर

रहा है या करना चाहता है तो आप इन दोनों
में से क्या बनना चाहेंगे हमें कमेंट
बॉक्स में जरूर बताइएगा फिलहाल आज के लिए
बस इतना ही मिलते हैं अगली वीडियो में
जाने से पहले आप इस वीडियो को लाइक कमेंट और शेयर जरूर कर

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