Kamal Nath के साथ BJP ने कर दिया बड़ा खेल ! BJP ने Kamal Nath को शामिल करने से किया इंकार ! - instathreads

Kamal Nath के साथ BJP ने कर दिया बड़ा खेल ! BJP ने Kamal Nath को शामिल करने से किया इंकार !

नमस्कार
बीजेपी और कांग्रेस में दोनों में हंगामा
मचा हुआ था बताइए जा रहा था कि अब कमलनाथ
बीजेपी के साथ आने जा रहे हैं अब ऐसे में
चर्चाएं यह शुरू हो गई कि अगर कमलनाथ

बीजेपी ज्वाइन करने जा रहे हैं तो फिर
बीजेपी में जो नेता पहले से ही आए हैं
कांग्रेस से उनका क्या होगा ज्योतिरादित्य
सिंधिया को लेकर सवाल खड़ा होने लगा और

उसके बाद जो दिल्ली बीजेपी के नेता हैं वह
भी इसका विरोध करने लगे अब ऐसे में तजिंदर
पाल बग्गा का जो तमाम बड़े उनके ट्वीट आए
वह भी चर्चा का विषय बने हुए थे इसी बीच
खबर यह आई कि कमलनाथ के साथ तगड़ा खेल हो

चुका है अब तगड़ा खेल किया तो है कांग्रेस
ने ही लेकिन मजबूरी में अब बीजेपी कमलनाथ
को नहीं ले पा रही है क्या है पूरा मामला
यह आपको बताएंगे और यह भी दिखाएंगे कि किस
तरीके से कमलनाथ के करीबी के सुर बदल चुके

हैं और कमलनाथ अब बैकफुट पर आ गए हैं
कमलनाथ ने होशियारी करते हुए कांग्रेस को
छोड़कर बीजेपी में आने की एक तरीके से
रणनीति बनाई थी बताया यह भी जा रहा है कि
इसीलिए छिंदवाड़ा से सीधे वह दिल्ली

पहुंचे थे दिल्ली आकर वह बीजेपी के तमाम
बड़े नेताओं से
बागनिया कर दिया है यह खबरें जो हैं वह कल
से ही चल रही थी लगातार इस पर हम चर्चा कर
रहे थे और तब भी यह बात चल रही थी कि हो

सकता है कि उनके बेटे को बीजेपी शामिल करा
ले और कमलनाथ को लेकर एक तरीके से जो वेट
एंड वच की स्थिति है वह बनी हुई थी और

कमलनाथ बाद में कभी बीजेपी में शामिल हो
सकते हैं या फिर पर्दे के पीछे से बीजेपी
के लिए काम कर सकते हैं क कमलनाथ की क्या
मजबूरी है क्या मजबूरियां उनकी है उस पर

भी हम चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले आपको
बताते हैं कि अब यह पूरी तरीके से साफ हो
गया है कि कमलनाथ को बीजेपी ने लेने से
मना कर दिया है और इसके पीछे कांग्रेस की
ही रणनीति है क्या रणनीति है इस पर आगे

चर्चा करेंगे लेकिन कमलनाथ के बेहद करीबी
सज्जन वर्मा क्या कुछ कह रहे हैं जरा उनको
भी सुन लेते हैं किस तरीके से उनके सुर
बदले बदले नजर आ रहे हैं सुनिए सज्जन
वर्मा का यह
बयान
देखिए
्र अभी मेरी चर्चा हुई कमलनाथ जी चार्ट
लेकर बैठे हुए थे लोकसभा चुनाव की टिकटें

मध्य प्रदेश में कैसे बटग जाति समीकरण
क्या होंगे उन्होंने कहा मेरा पूरा ध्यान
अभी इस तरफ है कि मैं मध्य प्रदेश की 29
सीटों पर जाति समीकरण बैठा हूं कौन किन
लोगों को देने से कांग्रेस मजबूत होगी अभी

मेरा इस तरह का किसी कोई विचार ही नहीं है
ना मैंने किसी से चर्चा की मैंने कहा
मीडिया वाले बोल रहे हैं कि आपने इंकार भी
नहीं किया उनका कहना कि मीडिया वालों को

बनाया हुआ प्रश्न है और वही जवाब दे बो
मैंने तो किसी मीडिया को आज तक नहीं कहा
कि मैं कहां जा रहा हूं कहां नहीं जा रहा
हूं सर इतने
पने रही तो सर वो अटकले अब खत्म हो गई

कांग्रेस ये मान के चले कि कमलनाथ अब
भाजपा नहीं जवाइन करेंगे नहीं कोई मान के
चले ना चले जब तक जिस व्यक्ति के संदर्भ
में बात उठती है व व्यक्ति जब तक अपने
मुंह से कोई शब्द ना कहे तब तक कोई भी

कैसे मान सकता मीडिया हो या आम जनता हो
आपको तो कह दिया ना सर उन्होंने नहीं नहीं
मुझे कोई बात नहीं अभी तो मैं जब बात की
मैंने कि मीडिया ये सवाल उठा रहा है तो
उने कहा मीडिया वाला एक भी मेरे सामने ले

आओ जिसको मैंने कहा हो मीडिया वाले खुद ही
बात उठा रहे हैं और खुद ही जवाब दे रहे
हैं और मैं मैं मैं तो मैंने मीडिया को
कहा कि जब भी कोई इस तरह का मसला होगा
सबसे पहले मैं किसी और को बताए बिना मैं
आपको बताऊंगा और इस तरह के निर्णय सामूहिक

निर्णय होते हैं कोई इस तरह का निर्णय और
मैं
तो एक लंबे समय से नेहरू गांधी परिवार व
हमारे पारिवारिक रिश्ते हैं राजनीतिक
रिश्ते नहीं है यह तो बनाया हुआ प्रश्न
मैंने उनसे यही बोला कि मीडिया में जाऊंगा

तो यही पूछेगी ये प्रश्न उठ रहा है उस
आपने एक बार भी बो मैंने जब किसी बात को
हा ही नहीं कही तो ना किस बात की
करन या या मध्य प्रदेश में आने वाली है दो

जगह सभाएं हैं दतिया में है और गवालियर
में है दो तीन जगह सभा है तो उनके बारे
में यह हुआ कि अब उसका इंचार्ज भी मुझे
बनाया गया सभाओं का तो उस पर डिस्कशन हुआ
उस पर चर्चा
हुई ये पुरानी कहावत ये पुरानी कहावत हो
गई कि धुआ वही निकलता है जहा आग होती है

आजकल आधुनिक युग हो गया है इलेक्ट्रॉनिक
युग हो गया बहुत सारी
बा तो आप सुन रहे थे सज्जन वर्मा को और
उनके सुर बदले बदले नजर आ रहे थे वो यह कह

रहे हैं कि यह पुरानी कहावत हो गई कि जहां
पर आग होती है वहीं धुआ निकलता है आज
आधुनिक जो है युग आ गया है और सब कुछ बदला
बदला है और तो बदले बदले उनके सुर भी नजर
आ रहे हैं लेकिन जिस तरीके से सज्जन वर्मा
यह कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की तैयारी

कर रहे हैं कमलनाथ उनसे बातचीत हुई यही
सज्जन वर्मा है जो अभी मीडिया में यह कह
रहे थे कि उन्हें कमलनाथ को मान सम्मान
नहीं मिल रहा है उनके मान सम्मान को ठेस
पहुंची है तमाम दावे इनकी तरफ से ही किए
जा रहे थे यहां तक कि अ

नाथ को बीजेपी ले ले लेकिन अभी जिस तरीके
से बीजेपी के अंदर एक माहौल बना हुआ है कि
कमलनाथ और नकुलनाथ बीजेपी में शामिल नहीं
हो सकते और अगर बीजेपी में शामिल होते हैं
तो कई बड़े दिग्गज नेता जो हैं वो बीजेपी

का साथ छोड़ देंगे इस पर चर्चाएं चल रही
हैं अब कैसे कांग्रेस ने ही तगड़ा खेल
किया है अब इसके बारे में चर्चा कर लेते
हैं और आपको बताते हैं कि कहां कमलनाथ फंस

गए कमलनाथ ने पूरी तैयारी कर ली थी उनके
बेटे ने भी पूरी तैयारी कर ली थी और उसी
तैयारी के तहत ही उनके घर पर जयश्रीराम का
झंडा लगाया गया और खबर तो यह भी आ रही है
कि कमलनाथ खुद अयोध्या जा रहे हैं हैं तो
यह सारी चीजें जो हैं वो इसीलिए की जा रही

हैं क्योंकि हृदय परिवर्तन जो है व कमलनाथ
का उनके बेटे का हो चुका है और कभी भी
बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं इसीलिए ये
चर्चाएं चल रही थी लेकिन अब बीजेपी ने अगर
लेने से मना किया है मजबूरी उनकी जो है वो

एक तो मजबूरी है कि बीजेपी के अंदर के
तमाम बड़े नेता विरोध कर रहे हैं उनका यह
कहना कि अगर कमलनाथ आएंगे तो फिर अभी तक
हम उन पर आरोप लगाते आए हैं तजिंदर पाल
बग्गा ने तो हंगर स्ट्राइक तक कर दी थी आप
तस्वीरें देख रहे हैं तजिंदर पाल बग्गा

लगातार अपने नेता और जो भी कार्यकर्ता
उन्हें आश्वासन दे रहे हैं कि ऐसा हो ही
नहीं सकता है क्योंकि बीजेपी यह कह रही है
उसके जो बीजेपी के जो नेता हैं वो यह कह

रहे हैं अपने आला कमान से कि देखिए अगर
कमलनाथ आते हैं तो अभी तक हम उन पर आरोप
लगाते आए हैं जब वो मुख्यमंत्री थे तो
उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए
तमाम जो है आरोप हमने लगाए और कांग्रेस पर

अभी तक इसीलिए आरोप जो है वो बीजेपी लगाती
आई है कि जो 1984 में जो कुछ भी हुआ उसके
जिम्मेवार कमलनाथ थे और कमलनाथ को आपने
बड़ा-बड़ा पद दिया कमलनाथ को आपने आगे

बढ़ाया तो जो आरोप बीजेपी लगा लगाती आई है
वह आरोप उस पर भी लगेंगे और 1984 के जो
दंगे हुए जो कुछ भी हुआ उस पर एसआईटी का
गठन हुआ जो जांच चल रही है उसकी रिपोर्ट

जो है वो आने वाली है 23 अप्रैल को अब ऐसे
में कमलनाथ बीजेपी में जाने के लिए एक
बड़ी रणनीति बना रहे थे और इसीलिए वो शायद
जाना चाह रहे थे यह चर्चाएं चल रही हैं
लेकिन एक तरफ बीजेपी तो मजबूर हो गई कि
सिख वोट बैंक जो उसका है जहां-जहां पर

दिल्ली में और पंजाब में जो कुछ भी उसका
जनाधार बचा हुआ है वह सिमट जाएगा तमाम जो
बड़े नेता हैं वो नाराज हो जाए ंगे और
सबसे बड़ी बात यह है कि ज्योतिरादित्य
सिंधिया को लेकर एक खबर आई कि
ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के संपर्क
में बताए जा रहे थे बताए यह जा रहा था कि

ज्योतिर आदित्य सिंधिया ने इस बात को तय
कर लिया था कि अगर कमलनाथ और उनके बेटे
बीजेपी में शामिल होते हैं कमलनाथ अगर
बीजेपी में आते हैं तो फिर वह कांग्रेस
जॉइन कर लेंगे फिर वह कांग्रेस में वापसी

कर लेंगे और उनकी बातचीत जो है वो
कांग्रेस से चल रही थी अंदर खाने जो है वो
बातचीत हो रही थी अब जो राजनीति इस वक्त
चल रही है उसमें कहां कौन पलट जाए कौन
किसके साथ आ जाए इसका कुछ पता नहीं है ऐसे
में ज्योतिरादित्य सिंधिया अगर कमलनाथ आते

बीजेपी में तो वह कांग्रेस में जा सकते थे
और बीजेपी को एक तगड़ा झटका लग सकता था
इसीलिए बीजेपी ने कमलनाथ को लेने से मना
किया है और खेल जो है यहां पर कांग्रेस ने
ही किया है कांग्रेस ने जोति आदित्य

सिंधिया से संपर्क बनाया और उसके बाद अब
कमलनाथ बुरी तरीके से फंस गए हैं तो
कांग्रेस ने भी अपने दरवाजे बंद कर लिए
हैं अब भले ही उनके जो करीबी हैं सज्जन
वर्मा यह कह रहे हैं वो लोकसभा चुनाव को

लेकर तैयारी कर रहे हैं और राहुल गांधी ने
फोन पर बात की है यह सारी जो चर्चाएं चल
रही है लेकिन राहुल गांधी किसी भी तरीके
से कमलनाथ से ना तो वो उन्हें रुकने के

लिए कह रहे हैं ना ही कोई बातचीत हुई है
सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही है कि
राहुल गांधी ने कोई बातचीत नहीं की है
कमलनाथ जाने का मन बना चुके थे और
कांग्रेस ने इस बात को स्वीकार भी कर लिया

था कि अगर कमलनाथ जा रहे हैं ठीक है उनकी
मर्जी लेकिन कमलनाथ को बीजेपी ने लेने से
मना किया है क्योंकि बीजेपी के सामने
मजबूरियां खड़ी हो गई कांग्रेस ने भी बड़ा
दांव चल दिया उधर जीतू पटवारी ने सभी

विधायकों को एक कर लिया विधायक भी जाने से
मना कर रहे थे और खबर यह भी आई कि
ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी कांग्रेस ने
संपर्क साध लिया था अब ऐसे में अगर
ज्योतिरादित्य सिंधिया जाते तो बीजेपी को
तगड़ा झटका लगता और कमलनाथ को लेने से

बीजेपी को और भी तगड़ा झटका लगता क्योंकि
उसका जनाधार सिमट ता और बीजेपी जो अभी तक
आरोप कांग्रेस पर लगाती आई है वो आरोप
बीजेपी पर भी लगते और उसके जो बड़े नेता
है दिग्गज नेता हैं वो अंदर ही इस बात को
लेकर विरोध जता रहे थे तो किस तरीके से

कमलनाथ अपने ही बुने जाल में बुरी तरीके
से फंस गए हैं और शायद इसीलिए अब वह
अयोध्या जा रहे हैं देखना यह होगा कि
अयोध्या जाकर क्या कुछ वह फैसला लेते हैं
हालांकि वह सन्यास ले सकते हैं ऐसी भी

खबरें चल रही हैं देखना होगा कि क्या होता
है लेकिन कमलनाथ अब देख रहे हैं किस तरीके
से बैकफुट पर आ गए हैं अब कांग्रेस में
रहने के लिए एक तरीके से अ वहां पर बने
रहने के लिए पुरजोर कोशिश में वो जुटे हुए

हैं लेकिन कांग्रेस क्या दिल से कमलनाथ को
अपनाए गी यह देखना होगा क्योंकि इससे पहले
विधानसभा चुनाव में जो कुछ भी कमलनाथ ने
किया उसकी चर्चाएं होती रही आलोक शर्मा ने
एक बड़ा बयान दिया था जिसके बाद उन्हें
नोटिस भी थमा दिया गया लेकिन सारी चीजें

अब खुलकर सामने आ चुकी हैं कि कमलनाथ अगर
बीजेपी में नहीं शामिल होते हैं तो वह
पीछे से भी बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं
उसे फायदा पहुंचा सकते हैं जो कुछ भी
कांग्रेस को अभी तक लगता आया है जो उनके

जो नेता हैं वो कहते आए हैं वो अब सच
साबित होता हुआ नजर आ रहा है तो बड़ी
जिम्मेदारी कांग्रेस में कमलनाथ को मिलती
है या नहीं मिलती है यह भी देखने वाली बात
होगी क्योंकि जीतू पटवारी को अध्यक्ष का

पद इसीलिए दिया गया था क्योंकि कमलनाथ
कहीं ना कहीं बीजेपी के लिए अंदर खाने से
काम कर रहे थे इस बात का अंदेशा कांग्रेस
हाई कमांड को लग गया था

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