Kashmir का Kesar सोने से भी महंगा क्यों होता है | Why Kashmiri Kesar Is So Expensive - instathreads

Kashmir का Kesar सोने से भी महंगा क्यों होता है | Why Kashmiri Kesar Is So Expensive

कि गर फ़िरदौस बरुरुए ज़मीं अस्त हमीं
अस्तो हमीं अस्तो हमीं ईयर्स
कि आप इसे कई लोग ही जानते होंगे कि यह
कहावत कश्मीर के लिए कही जाती है जिसका
मतलब होता है कि अगर दुनिया में कहीं
जन्नत है तो बस यही है लेकिन उस वक्त चैनल
जैसे कश्मीर की नहीं बल्कि वहां पैदा होने
वाले फूल की बात करेंगे वह फूल जिसमें से
निकलती है दुनिया की सबसे नायाब चीजों में
से एक है कि सर बॉक्सर जिसे गोल्ड स्पाइसी
कहते हैं वैसे तो केसर दौरान स्पेन इटली
और पाकिस्तान में भी होता है लेकिन कश्मीर
के केसर की बात ज़रा अलग है जो यहां का
केसर चांदी से भी चार गुना महंगा होता है
तो ऐसा क्या होता है यहां के समय बस आज इस
वीडियो में हम आपको यही सब बताने वाले हैं
आज की वीडियो काफी इंट्रस्टिंग होने वाली
है तो इस वीडियो को पूरा ज़रूर देखें हेलो
दोस्तों स्वागत है तब स्ट्रैट लाइन पर कि
सर जिसे इंग्लिश एक्टर प्राण और उर्दू में
प्राण कहते हैं इसका पौधा बेहद खुशबूदार
होता है और अगर इसे दुनिया का सबसे टीम की
बैठक आज
तो भी गलत नहीं होगा क्योंकि इसका फूल महज
कुछ वक्त के लिए ही मिलता है हमारे घर के
शानदार पकवानों से लेकर कई तरह की दवाइयों
तने केसर का इस्तेमाल होता है इतना ही
नहीं कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में भी केसर
के होने का लोग दावा करते हैं लेकिन सोचने
वाली बात यह है कि क्या सचमुच यह सारे
प्रोडक्ट्स में असली केसर का इस्तेमाल
किया जाता है क्योंकि आप में से जो भी लोग
यह सब लेने दुकान पर गए होंगे वह जानते
होंगे फिक्सर कितना महंगा होता है ऐसा
क्यों होता है यह तो बताइए पर पहले थोड़ा
सा कि स्तर के बारे में जान लेते हैं यह
सर कहां पर है पति नाम ब्रोकर्स सेक्टर
वाइज है यह सब की स्थिति सबसे पहले यूनान
से शुरू हुई थी व्यवसायिक तौर पर दुनिया
भर के कई देशों में केसर की खेती की जाती
है जिसमें फ्रांस भारत ईरान इटली ग्रीस
जर्मनी क्रिस्तान चीन पाकिस्तान और
स्विट्जरलैंड शामिल है कि आज सबसे ज्यादा
केसर इसमे व जाता है और उसके बाद 93 हम यह
कि कुल उत्पादन का हस्ती प्रतिशत केसर इन
दोनों देशों में ही होता है जो करीब 300
टन प्रतिवर्ष है सबसे ज्यादा केसर भले इस
पर 993 जाता लेकिन कश्मीर में होने वाले
केसर का कोई मुकाबला नहीं है क्योंकि यह
सबसे ज्यादा गुणकारी और महंगा होता है तो
दोस्तों यह थी कि सईद बेसिक दीजिए बस कि
आपको केसर का कोई इंट्रस्टिंग फैक्ट पता
है अगर हां तो हमारे साथ कमेंट में जरूर
शेयर करें
हूं केसर का इस्तेमाल अगर केसर के
इस्तेमाल की बात करें तो जैसे कि हमने
वीडियो की शुरुआत में कहा कि इसका
इस्तेमाल खाने की चीज़ें जैसे दूध खीर और
मिठाई से लेकर दवाइयों धर्म में उपयोग
किया जाता है इसके अलावा शाही खाने जैसे
पुलाव हरियाणवी मखौल ई और शोले जब मैं भी
केसर के इस्तेमाल से एक अलग जाएगा आ जाता
है हिंदू धर्म बेबी केसर का विशेष महत्व
है इसीलिए पूजा-पाठ में केसर का प्रयोग
किया जाता है केसर का तिलक लगाना भी काफी
शुभ माना जाता है यह दिमाग को ठंडा रखता
है आयुर्वेदिक शास्त्रों के मुताबिक भी हर
रोज के सरकार थोड़ी मात्रा में सेवन करने
से आपको बहुत से रोगों से छुटकारा मिलता
है कश्मीर में केसर की चाय भी काफी फेमस
है जैसे शहद और बादाम की कतरन के साथ गरमा
गरम परोसा जाता है इसके अलावा बड़ी बड़ी
कंपनी चल और जाएंगे जिनके रूप में भी केसर
का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि केसर बहुत
कलर छोड़ता है इस बात का अंदाजा आप इस तरह
लगा सकते हैं कि 1 ग्राम कश्मीरी केसर सौ
लीटर दूध का कलर बदल सकता है
कि अगर आप कभी दुकान से केसर खरीदकर लाएं
और वह दूध या पानी का कलर चेंज करें तो
उसे नकली कैसा समझने की गलती मत करना इसके
अलावा भी असली केसर को पहचानने के कई
तरीके हैं जो हम आपको इस वीडियो में
बताएंगे तो हम तक जरूर बने रहिएगा
और केसर के फायदे चलिए जानते हैं के फायदे
दोस्तों केसर के सेवन से आपकी शारीरिक
कमजोरी दूर होती है साथ ही सर्दी जुकाम
सिरदर्द के लिए भी केसर बहुत ज्यादा
फायदेमंद है इसके अलावा त्वचा और आंखों के
लिए भी केसर बहुत ही फायदेमंद होता है
इससे आपकी त्वचा में निखार आता है और
आंखों की रोशनी बढ़ती है इसके सेवन से
पाचन से जुड़ी सारी परेशानियां दूर हो
जाती हैं डिप्रेशन और इनसोम्निया दूर करने
में भी केसर बहुत कारगर है यह सर खाने से
शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
इसमें विटामिन सी पाया जाता है जिससे
हमारा शरीफ कई तरह की बीमारियों से लड़ने
में सक्षम होता है इसके अलावा गर्भावस्था
के दौरान महिलाओं को केसर वाला दूध पीने
की सलाह दी जाती है जिससे बच्चा स्वस्थ
पैदा हों अर्थराइटिस का इलाज में भी केसर
फायदेमंद होता है अब जाहिर सी बात है कि
जहां जरा से केसर से इतने फाइलें तो उसकी
कीमत कितनी होगी वैसे कि आप अंदाजा लगा
सकते हैं कि 1 ग्राम केसर कितने का आता
होगा कमेंट करके तुरंत बताएं चलिए हम
देखते हैं आपके अंदर बात सही है या नहीं
और
आधे करते हैं इसकी कीमत की केसर की कीमत
चलिए बात करते हैं कश्मीर की कीमत अगर
प्योर कश्मीरी केसर की बात करें तो इसकी
कीमत साढे तीन लाख से लेकर साढे चार लाख
मतलब अगर आप सिर्फ तो आपको इसके लिए 300
से 400 अब यहां पर दोस्तों यह कि कश्मीर
की पहचान कैसे होगी दूसरा यह कि केसर की
खेती कैसे और कहां कहां हो सकती है असली
कश्मीर की पहचान कैसे होती है दोस्तों आज
की तारीख में से ऑनलाइन तक अलग वैसे तो
मैं आपको हर चीज लेकिन होने की वजह से
मिला ऐसे में हर कोई चाहे आप इस पर आप
सब्सक्राइब तो ऐसे में हमारा फर्ज बनता है
कि हम आपको बता दें कि आप कैसे पहचान करें
हैं और अगर आपने अभी तक चैनल को
सबस्क्राइब नहीं किया तो फिर देर किस बात
की जल्दी से कर लीजिए क्योंकि यहां पर
मजेदार वीडियोस का दौर कभी खत्म नहीं होने
वाला है चलिए कैंसर की पहचान पर वापस आते
हैं बस जब भी आप बाजार से कैसा खरीदे
जाएंगे तो सबसे पहले केसर में से एक या दो
धागे को अपनी चीज पर रखें और हल्का सा
समाए इस दौरान यदि आपको केसर का स्वाद
मीठा लगता है तो केसर नकली है क्योंकि
केसर की महक जितनी अच्छी होती है लेकिन
इसका स्वाद उतना ही कड़वा होता है रंग
शुद्ध केसर का रंग हमेशा लाल होता है केसर
के रईसों का रंग जितना ज्यादा गाढ़ा हो
उतना केसर अच्छा माना जाता है कई बार
कैंसर की डिब्बी में लाल के साथ पीले रंग
के दिखाई देते हैं अगर पीले रंग के रिश्ते
दो या तीन से ज्यादा है तो उसे ना खरीदें
पीले रंग के शिशु का वजन लाल रंग के केसर
से काफी ज्यादा होता है और डिब्बे का वजन
बढ़ाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है
पीले रंग के रहस्य किसी भी काम के नहीं
होते और न ही इसमें कोई ओषधिए गुण होते
हैं खुशबू केसर की शुद्धता
पहचानने का सबसे अच्छा तरीका उसकी खुश्बू
है शुद्ध केसर की खुशबू शहर की तरह
दिलचस्प होती है इसलिए केसर खरीदते समय इस
बात का ध्यान रखें कि केसर में किसी भी
तरह की कड़वी या 30 महक आ रही है तो उसे
ना खरीदें केसर के धागे सूखे होते हैं और
गर्म जगह पर रखे से खराब हो जाते हैं जबकि
नतीजे सर वैसे का वैसा ही रहता है पानी और
बेकिंग सोडा का मिश्रण केसर की शुद्धता को
बचाने के लिए पानी और बेकिंग सोड़ा एक
अच्छा और कारगर घरेलू उपाय इसके लिए हम
सबसे पहले कटोरी पानी में थोड़ा सा बेकिंग
सोड़ा डालें और उसे अच्छी तरह मिक्स कर ले
अब इसमें 1 से 2 केसर के धागे डालें इस
दौरान यदि केसर भगवा या लाल रंग छोड़ता है
तो वह नकली है क्योंकि केसर लाल रंग का
होता है वह किसी भी चीज में डालें से पीला
रंग छोड़ता है तो दोस्तों अब आपको पता
चलेगा कि केसर के फायदे क्या क्या है उसका
इस्तेमाल किया गया होता है इसकी कीमत क्या
होती है और असली कैंसर की पहचान कैसे होती
है इसलिए अब आते हैं अपने मूल सवाल पर
है कि आखिर इतना महंगा क्यों होता है और
फिर आपको बताएंगे कि इसकी खेती आप कर सकते
हैं या नहीं इतना महंगा क्यों होता है
कश्मीरी केसर दोस्तों कश्मीरी केसर के
महंगे होने की वजह है इसकी खेती दरअसल
केसर की खेती के लिए बहुत ही कम मशीनरी का
इस्तेमाल किया जाता है केसर के फूल को
खेतों में से मशीन से नहीं बल्कि हाथ से
थोड़ा जाता है साथ ही केसर का जो सपोर्ट
होता है वह बहुत ही कम वक्त के लिए खिलता
है और उसी दौरान तोड़ा जाता है जब यह फूल
खिलता है तो एक फूल के अंदर से महज केसर
के 3 नाजुक प्रेशर निकलते हैं जिनका वजन
आप इस तरह समझ सकते हैं कि लगभग 75,000
फूलों में कमोबेश 500 ग्राम केसर निकलता
है कश्मीर में केसर का फूल सितंबर से
दिसंबर के बीच में मिलता है पूल से पैसा
निकालने के बाद पूल किसी भी काम का नहीं
रहता है अब दोस्तों आपको यह समझ गए होंगे
कि सर महंगा क्यों होता है तो बातें हैं
इसकी खेती पर अगर आप उसने कि आप केसर की
खेती कहीं भी कर सकते हैं तो ऐसा बिल्कुल
नहीं है क्योंकि इसकी पैदावार के लिए इसके
अनुसार वातावरण होना बहुत जरूरी है जो
भारत में
कि जम्मू और कश्मीर में है लेकिन ऐसा भी
नहीं है कि आप अगर कश्मीर में नहीं रहते
तो आप इसकी खेती नहीं कर सकते हैं जी हां
यह आप अपने खेतों में भी किसान खेती कर
सकते हैं लेकिन उसमें फर्क योगा की जहां
कश्मीर घाटी सर बिना किसी केमिकल ऑफिस
साइड का एकदम प्योर कि सर होता है वहीं
आपको कई तरह के केमिकल पेस्टिसाइड्स की
जरूरत पड़ेगी चलिए हम आपको समझाते हैं जिस
खेत में आपकी सर की खेती करने जा रहे हैं
उसकी मृत्यु हुई थी न ही चिकनी बलुई या
फिर दोनों होनी चाहिए बताने पानी के जमाव
की वजह से केसर के कम्स यानि बीच खराब हो
जाते हैं और फसल बर्बाद हो जाती है इसलिए
इस तरह की जमीन दें जहां पानी ना भरे इसके
अलावा मिट्टी को भुरभुरा बनाकर आखिर जुदाई
से पहले 120 टन गोबर की खाद के साथ बैक
किलोग्राम नाइट्रोजन 60 किलोग्राम
फास्फोरस और पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर
से खेत में डाला जाता है यह सब की फसल
लगाने का सही समय ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में
सिलाई से अगस्त है जिसे mid-july का टाइम
सबसे फेवरेट माना जाता है लेकिन अगर आप
मैदानी क्षेत्रों में किसी करने की सोच
रहे हैं तो इस
प्रभारी से मार्च है केसर की गूंज लगाते
वक्त ध्यान रखें कि कॉर्ड्स को लगाने के
लिए छह साल सेंटीमीटर का गधा करें और दो
कॉर्ड्स के बीच की दूरी लगभग 10 सेंटीमीटर
रखें इस से कम्स अच्छे से फैलेगी और पर आग
की अच्छी मात्रा में निकलेगा उम्मीद है कि
इससे जुड़े आपके सारे सवालों के जवाब आपको
मिल गए होंगे पर अगर अभी भी आप एक कुछ
सवाल पूछे हैं तो कमेंट करके हमें जरूर
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