Kejriwal को जेल भेजने पर क्यों अड़े Modi | असली खेल जानिये | | AAP | BJP | - instathreads

Kejriwal को जेल भेजने पर क्यों अड़े Modi | असली खेल जानिये | | AAP | BJP |

नमस्कार
आपका स्वागत दोस्तों क्या इस बार चुनाव में
मोदी जी को खुद से भी ज्यादा ईडी पर भरोसा
है और इसीलिए हर मोर्चे पर हर चुनावी
मोर्चे पर ईडी को बार-बार आगे किया जा रहा

है क्या मोदी को अपने चाणक्य पर या अपने
सेनापति पर भरोसा कम है और इस सेनापति पर
ईडी के चीफ पर भरोसा ज्यादा है कल्पना
कीजिए जरा सोचिए कि डेढ़ महीने बाद डेढ़
महीने बाद जी हां सिर्फ डेढ़ महीने बाद

महा चुनाव होना है इस देश का फाइनल होना
है 2024 का लेकिन मैदान पर जो मुकाबला है
वह बीजेपी वर्सेस इंडिया नहीं दिख रहा हर
जगह मुकाबला जो है ईस्ट टू वेस्ट नॉर्थ टू

साउथ वो ईडी वर्सेस इंडिया है अगर आप
पिछले 10 दिन का ही बही खाता देखिए ईडी का
तो ईडी के दबाव की वजह से जिस तरह से
नितीश को के आदमियों पर दबाव डाला गया
छापे डाले गए नितीश को मजबूरन यूटन लेना

पड़ा उसमें ईडी की बड़ी भूमिका थी नड्डा
की भूमिका नहीं थी अमित शाह की नहीं थी और
इसी तरह से हेमंत सुरेन अगर वह झुकने को
तैयार नहीं थे अगर अमित शाह और हेमंत
सुरेन की बातचीत फेल हो रही थी तो बीच में

ईडी आई और ईडी ने कहा हम आगे आते हैं और
आपने देखा फिर क्या हुआ एक आदिवासी
मुख्यमंत्री को एडी ने गिरफ्तार करके जेल
भेज दिया ये अलग बात है कि धाव उल्टा पड़ा

अब अगर आप दिल्ली आते हैं झारखंड और बिहार
छोड़कर अगर आप दिल्ली पर फोकस करते हैं तो
ईडी की रेड्स जो है ईडी की जो छापे बंदी
है घेराबंदी है वो आज भी जारी है फोकस है

केजरीवाल को नेगोशिएशन टेबल पर बैठाना तो
ईडी केजरीवाल पर भी छोड़ दी गई और ईडी
महाराष्ट्र में अभी भी एनसीपी को और कमजोर
करना चाहती शरद पवार के एनसीपी को और

कमजोर करना चाहती है जो अमित शाह नड्डा
नहीं कर पा रहे और इसीलिए
शरद पवार के इस नौजवान ग्रैंड सन पर रोहित
पवार पर लगातार छापे मारी हो रही पूछताछ
हो रही प्रेशर इंक्रीज हो रहा है तो

दोस्तों क्या इस बार मोदी जी आत्मनिर्भर
नहीं है क्या वह ईडी पर निर्भर है और शायद
उन्होंने अपनी स्ट्रेटेजी अपनी चुनावी
रणनीति बदल ली है वह चाहते हैं कि पहले

ईडी ईडी की जो फौज है वह इंडिया अलायंस को
तोड़ दे किसी नेता को अपने साथ शामिल कर
ले किसी को जेल भेज दे जैसा कि नितीश और
हेमंत सुरेन के साथ हुआ या फिर केजरीवाल

के साथ होने जा रहा है या फिर तेजस्वी और
रोहित पंवार के साथ होगा क्या वह चाहते
हैं कि पहले ईडी इंडिया अलायंस को यानी
दुश्मन जो है उनके राजनीतिक जो
प्रतिद्वंदी हैं उनको ध्वस्त करें उनको

कमजोर करें और जब कमजोर कर दे उसके बाद
मोदी जी अपनी फौज निकालेंगे तब नड्डा आगे
आएंगे तब अमित शाह आगे आएंगे तब मोदी आगे
आएंगे तब वोट मांगने का अभियान शुरू होगा
क्या यह रणनीति है इस बार की और अगर ऐसा

है तो क्या मोदी
कहीं ना कहीं इमरजेंसी के इंदिरा गांधी हो
गए और अगर ऐसा है तो क्या यह सौदा मोदी जी
को फायदा
पहुंचाएगा या फिर नुकसान पहुंचाएगा अब

दोस्तों आज ही की बात करें तो आज की जो
सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज है वह यह है कि
अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल पर ईडी
की एक नई फाइल खोली गई एक नया केस खोला
गया या यूं कहे ईडी ने एक नया मोर्चा खोला

है दरअसल ऐसा कहा जा मेरे पास साक्ष नहीं
है लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि जो
पुराना केस है शराब घोटाले का उसमें कहीं
ना कहीं सबूत इतने इकट्ठे नहीं हो पा रहे

थे अरविंद केजरीवाल प इसलिए समन प समन तो
जा रहे थे और ईडी अदालत में भी पहुंच गई
है केजरीवाल को घेरने के लिए लेकिन हकीकत
यह
है कि बीजेपी के नेतृत्व का कहना था कि एक

नई फाइल खोली जाए एक ऐसी फाइल खोलिए जहां
पर कुछ अधिकारियों की गर्दन पकड़िए और
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गवाही दीजिए और
उनको ऐसे ही जेल भेजिए जैसे हेमंत सरन को

जेल भेजा गया यानी सरकारी गवाह बनाइए कुछ
अधिकारियों को और फिर घेराबंदी करिए और
वैसा ही हुआ 31 जनवरी को 31 जनवरी को
दिल्ली जल बोर्ड के चीफ इंजीनियर जगदीश
अरोड़ा को ईडी ने दबोचा और दबोच के बाद
अरोड़ा को इतना ज्यादा निचोड़

दिया कि ऐसा लोग कहते हैं कि जो चीफ
इंजीनियर था दिल्ली जेल बोर्ड का इसने दो
लोगों के नाम लिए एक है यह साहब विभव
कुमार केजरीवाल के निजी सचिव साय की तरह

रहते हैं सारा काम धाम यही देखते हैं विभव
कुमार ये जो दूसरे साहब है इनका नाम एनडी
गुप्ता गुप्ता जी के नाम से मशहूर हैं
राजसभा के एमपी हैं और केजरीवाल की पार्टी

के ट्रेजरर हैं पैसे का हिसाब किताब देखते
हैं तो आज इन दोनों की घेराबंदी हो गई और
इन दोनों की घेराबंदी के बाद अरविंद
केजरीवाल के आज की तारीख में सबसे करीबी

अगर कोई है तो विभव कुमार और एनडी गुप्ता
है एक ट्रेजार है और एक सेक्रेटरी है
पर्सनल सेक्रेटरी प्राइवेट सेक्रेटरी या
यूं कहे केजरीवाल के शैडो है इनकी
घेराबंदी और सुबह सुबह जिस तरह से इनके

छापे मारी हुई है ऐसी चर्चा है दिल्ली में
कि नेक्स्ट स्टेप अगला जो कदम होगा ईडी का
वो अरविंद केजरीवाल की चौखट पर होगा
अरविंद केजरीवाल के

दरवाजे पर अब ईडी पहुंचने वाली है यानी
क्या केजरीवाल का हेमंत सुरेन होने जा रहा
है दोस्तों क्या किसी मुख्यमंत्री को जेल
भेजना है किसी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार

करना है तो क्या ईडी का फार्मूला यह है कि
पहले उसके मातहत अफसरों को पकड़ो उसके
मातहत स्टाफ को पकड़ो उनकी गर्दन

दबाओ और कहीं ना कहीं उनसे बयान दिलाओ डरा
के धमका के जैसा कि भूपेश बगेल के साथ हुआ
छत्तीसगढ़ में जब वो मुख्यमंत्री थे उनके
स्टाफ से ही कबूल आया गया या जिस तरह
हेमंत सुरेन अपने अधिकारियों की गवाही

जिसे वो झूठी गवाही कह रहे हैं उसके बिना
पर वह जेल गए ठीक उसी तरह से आम आदमी
पार्टी का अब आरोप है मेरा नहीं आम आदमी
पार्टी का कहना है कि गवाहों को धमका कर

पीटकर उनको
डराकर झूठे बयान झूठे बयान लिए जा रहे हैं
और इन झूठे बयान के आधार पर केजरीवाल को
जेल भेजना चाहते हैं मोदी की टी अब मैं
नहीं कह रहा यह आरोप साक्ष के आधार पर आम
आदमी पार्टी कह रही सुनि पहले आम आदमी
पार्टी को उनसे स्टेटमेंट दबाव पूर्वक

डलवाया गया लिखवाया गया एक विटनेस ने कहा
कि उन्होंने ईडी वालों ने इतनी जोर की
थप्पड़ मारा कान पर कि कान की कन पट्टी फट
गई इस वजह से इस दबाव में उन्होंने
स्टेटमेंट दिया एक विटनेस ने कहा कि उनको

यह कहा गया कि अगर आप नेताओं के खिलाफ
बयान नहीं दिया तो तो हम देखेंगे कि
तुम्हारी बेटी कॉलेज कैसे जाती
है एक और विटनेस को डराया गया उसको कहा कि
तेरी बीवी को अरेस्ट कर लेंगे तेरी बीवी
को जेल के अंदर डाल लेंगे अगर तुमने आम

आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ स्टेटमेंट
नहीं दिया अब आम आदमी पार्टी की जो नेता
आतिशी कह रही है तो बहुत डराने वाला बयान
है वो सच बोल रही हैं झूठ बोल रही दोस्तों

इसकी मैं गारंटी नहीं दे सकता लेकिन अगर
वह सच बोल रही है अगर एक सरकारी एजेंसी
उसके सीनियर ऑफिसर यह कह रहे हैं कि
तुम्हारी बेटी स्कूल नहीं जा पाएगी या
तुम्हारी बीवी को जेल में डाल दूंगा यह

बोलना
पड़ेगा अगर ऐसा हो रहा है तो ऐसा तो
इमरजेंसी में भी नहीं हुआ आपातकाल में भी
ऐसा नहीं हुआ जो अब हो रहा है बहरहाल यह

तो अदालतों को ही तय करना है हो सकता है
सबसे बड़ी अदालत तय कर कर कि क्या सच है
क्या झूठ है क्या डरा धमका कर पिस्तौल की
नोक पर बयान लिखाए जा रहे हैं दस्तखत कराए
जा रहे हैं क्योंकि भूपेश भल भी ऐसे ही कह

रहे थे हेमंत सुरेन भी ऐसे ही कह रहे हैं
और यही बात अब आम आदमी पार्टी कर रही है
सच क्या है यह तो अदालत में जब ये पूरा
मामला जाएगा तब दूध का दूध पानी का पानी

होगा लेकिन एक सवाल यहां पर है जो सबसे
बड़ा सवाल है कि व्हाट नेक्स्ट अब आगे
क्या हम बात तेजस्वी यादव की नहीं कर रहे
ना ही ममता बनर्जी के भतीजे की आज बात कर
रहे हैं मैं बात सीधे-सीधे दिल्ली के
मुख्यमंत्री की कर रहा हूं अरविंद

केजरीवाल की कि क्या अरविंद केजरीवाल का
नीतीश कुमार होगा या अरविंद केजरीवाल का
हेमंत सुरेन होगा नितीश कुमार से मतलब
क्या वह यूटर्न लेंगे शामिल हो जाएंगे गोद

में बैठ जाएंगे गोदी नेता बन जाएंगे या
फिर वह हेमंत सुर की तरह झुकेंगे नहीं पर
जेल भेजे जाएंगे तो अरविंद केजरीवाल का
क्या होगा नितीश कुमार होगा या क्या हेमंत

सुरेन होगा बड़ा सवाल है बड़ा पेचीदा सवाल
चलते हैं अशोक वानखर टाइगर के पास समझने
की कोशिश करते हैं मोदी के पर्दे के पीछे
की सियासत को मेरा जो सवाल मेरा सवाल यह
है कि जिस तरह से अब अरविंद केजरीवाल के
ट्रेजरर यानी जो पैसे का हिसाब किताब रखते

हैं वो और अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव
जो हर आप कह सकते हैं अरविंद केजरीवाल के
पर्सनल से ऑफिशियल काम दोनों संभालते यानी
यह जो प्राइवेट सेक्रेटरी और ट्रेजरर इनको

पकड़ने का मतलब है कि आप अरविंद केजरीवाल
के इनर सर्किल में पहुंच गए आप अरविंद
केजरीवाल के घर तक पहुंच गए तो यानी हम
क्या इसको मान ले कि ईडी आज की तारीख में
टुडे जिस तरह से सुबह छापे पड़े क्या ईडी

अब अरविंद केजरीवाल की चौखट पर खड़ी है और
कुंड खटखटा रही है कुंडी खटखटा नहीं रही
है लात मारने की स्थिति में खड़ी है
दरवाजा तोड़कर कुंडी नहीं दरवाजा तोड़कर
अंदर घुस के ले

जाएगी मतलब क्या है इसका मतलब है या तो आप
हमारे करने का मतलब क्या है मकसद क्या है
मकसद यही है कि आम आदमी पार्टी को तोड़ना
है क्योंकि नीतीश जाने के बाद उनको लगता

है कि ममता कब्जे में नहीं आ रही है लेकिन
ममता कम से कम ये तो कह रही है कि
लडूंगी उधर शरद
पवार उद्धव ठाकरे स्टेलिन येय अभी बने हुए
हैं तो ऐसे में अब सॉफ्ट टारगेट है अरविंद

केजरीवाल अरविंद केजरीवाल को तोड़ने से दो
मकसद उनके हल होते हैं इंडिया गठबंधन में
एक ऐसा पार्टनर जो पंजाब दिल्ली में सत्ता
है जिसकी और गुजरात में जिसके पास 12 प्र

के आसपास का वोट है दूसरी बात दिल्ली की
विधानसभा में यदि 2010 14 से लेकर 24 तक
के कब्जा नहीं कर पाए एक विफलता है कहीं
ना कहीं य टस है दिन में कि हम केंद्र में

है लेकिन दिल्ली हमारे पास नहीं है नगर
निगम जो हमारे पास थी वो भी चली
गई तो कुछ ना कुछ करके आम आदमी पार्टी को
अपने कब्जे में लेना है या तो उनका नीतीश
कुमार करना है या उनको जेल डालना है हेमंत

सोरेन या नीतीश कुमार अरविंद केल है टू
डिसाइड मोद चाहते क्या मोदी मोदी और अमित
शाह बिना किसी मतलब के एक कदम आगे नहीं
बढ़ाते देखिए अरविंद केजरीवाल का विट गरा
के फायदा क्या है टाइगर ये बताइए अरविंद

केजरीवाल का विट गिराने से फायदा क्या है
और नुकसान क्या व अकाली अकाली दल के साथ
मिलकर य पंजाब में लड़े तो पूरा पंजाब पर
कब्जा कर सकते ऐसा उनको लगता है उनको ल
कांग्रेस की जगह वहा कांग देखि 10 12 सीट

है जहां दो दो सीटों की मारामारी पड़ी है
एक एक सीट के लिए मारामारी है 335 से 335
से 272 तक लेकर जाना है मिनिमम तो यह तो
सारे जुगाड़ करने पड़ेंगे तो दिल्ली की

सात सीट यकीनन आज बीजेपी का एज है उस पर
क्योंकि 50 पर से ज्यादा वोटिंग है बीजेपी
के पास लेकिन परसेप्शन बदलने में समय नहीं
लगता यदि दोनों इकट्ठा मिलकर लड़ ले आम

आदमी और कांग्रेस हो सकता है कि एक नया
समीकरण बने दिल्ली
में और दूसरी बात मैं बार-बार कह रहा हूं
दीपक भाई कि ममता का यह कहना कि मैं अकेली
लड़ रही

हूं और पंजाब में मान साहब का कहना कि हम
अकेले लड़ेंगे आप इस कहने पर मत
जाइए अभी भी बैक बैक डोर में बहुत सारे
डिस्कशन हो रहे हैं बहुत सारी सीट फाइनल
हो गई मैं बता रहा हूं

आपको जहां एक दूसरे को सपोर्टिव कैंडिडेट
उतारे
जाएंगे क्योंकि आप
अगर अरविंद केजरीवाल को जेल भेजते क्योंकि
केस वाकई कमजोर है आज मैं चिदंबरम को भी

सुन रहा था कपिल सिब्बल को भी सुन रहा था
और भी कुछ लॉयर्स को मैंने सुना केस
अरविंद केजरीवाल का सिर्फ गवाही गवाहो और
हियर एंड से पर ही है क्योंकि ईडी को पावर
इतनी ज्यादा है पीएमएलए के तहत इस नए

कानून के तहत इतनी ज्यादा पावर है कि
गर्दन पकड़ना और जेल में डालना बहुत आसान
काम
क्या आपको लगता है कि एक कमजोर केस में
केजरीवाल को भेजना एक कमजोर केस में हेमंत
सुरेन को भेजना यह दो दो सिटिंग जज सिटिंग

चीफ मिनिस्टर देश के उनको अगर आप जेल भेज
रहे व भी बहुत हल्के केस हो बहुत ज्यादा
सबूत नहीं साक्ष
नहीं क्या लगता नहीं मोदी गलत कर रहे क्या
आपको लगता नहीं गुजरात लबी दुरुपयोग कर
रही है पूरी तरह से एक इमरजेंसी जैसी

स्थिति है जहां कोई सुनवाई नहीं हो रही
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना किसको है सजा
किसको दिलवा है सजा नहीं दिलवा
है सजा दिलवाने के लिए कई प्रोविजन है ईडी
का उपयोग इसलिए करना है कि कम से कम एक

साल तक जेल से बाहर नहीं आता आदमी और उसी
एक साल में चुनाव
है हेमन सोरेन जेल में रहेंगे तो जेएमएम
को लड़ने में तकलीफ थोड़ी बहुत होगी थोड़ी
एक पोजीशन क्योंकि एक स्टार कैंपेनर अंदर
है

ऐसा सोच बीजेपी का है मेरा नहीं ओके म आप
चाहते हैं केजरीवाल अगर वो जेल में रहते
हैं जेल में रहे तो अभी क्या हुआ आप आप
देखिए मनी सुसु जेल में डाल दिया तो इतना
इंपैक्ट नहीं पड़ेगा लेकिन केजरीवाल स्वयं

ही जेल में गए तो क्या होगा पॉइंट है
दूसरा महाराष्ट्र में जिनको जेल में डाला
इन्होंने ये सब आए बाए
थे शरद पवार उद्धव ठाकरे जिस दिन जेल में
जाएंगे उस दिन इंपैक्ट पड़ेगा स्टार

प्रचारक गायब हो जाएंगे
राहुल गांधी यदि जेल में रहेंगे तो फिर
स्टार प्रचारक गायब हो जाएंगे ममता जेल
में रहेगी तो फिर स्टार प्रचारक गायब हो
जाएंगे क्योंकि इनमें दम ही नहीं है उनको

फेस करने का भारतीय जनता पार्टी में औकात
ही नहीं इन नेताओं को फेस करने का क्योंकि
इनका अपना खुद का एक मास फॉलोइंग
है इसलिए हेमंत सोरे को जेल में डाला
लेकिन अरविंद केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे

अरविंद केजरी सरकार चलाएगी जेल
से और संविधान उन्हें रोक नहीं
सकता आज पूरा आदिवासी एक है झारखंड का वहा
दाव उल्टा पड़
गया हेमंत सोरेन का जो भाषण

गया कि आदिवासियों के एक मुख्यमंत्री आपको
सहन नहीं हो
सकता क्या आदिवासी कार नहीं खरीद सकता
क्या आदिवासी अच्छे कपड़े पहन नहीं सकता
क्यों आदिवासियों को जंगल के अंदर ही रहने
के लिए मजबूर कर रहे हैं

आप यदि पूरा झारखंड का आदिवासी एक हो
गया पीछे खड़ा तो बीजेपी के लिए बहुत
मुसीबत हो जाएगी वहां प और वो आदिवासियों
का जो उत्पीड़न है वो आपको दक्षिण भारत तक
जाएगा टाइगर समझ ग मैं मैं आपकी थ्योरी

समझ गया कि अगर इस तरह से बेजा मामलों में
इस तरह से हल्के मामलों में मुख्यमंत्री
को जिनकी मास फॉलोइंग है आप जबरदस्ती उनको
अगर जेल भेजोगे तो रिएक्शन होगा हर एक्शन
का रिएक्शन होता है और यह लोगों के दिलों

में रिएक्शन होगा इसका लेकिन सवाल इस बात
का है कि मोदी जी को हो क्या गया है क्या
कोई डर है या कोई उनको फितूर हो गया है या
वो मोहन भागवत को खुश करना चाह रहे हैं वो
क्या करना चाह रहे हैं या वो एक जिद पकड़

ली है क्या उनको नफा नुकसान नहीं दिख रहा
है या डर इतना ज्यादा है हार का कहीं ना
कहीं कि उनको लग रहा है कि भाई विपक्ष ही
खत्म कर
दो जंगल में आदमी स्कूटर से जा रहा हो

पेट्रोल खत्म हो गया तो आदमी जंगल के मारे
इतना भयभीत होता है कि माचिस जला के टंकी
में देखता है अंधेरे में पेट्रोल कितना है
और मुंह जला लेता
है ऐसा नहीं कि कॉमन सेंस नहीं है कि टंकी

में पेट्रोल के सामने आग नहीं जलानी चाहिए
लेकिन उस समय का डर और मानसिक
स्थिति असंतुलित है मानसिक स्थिति अभी
उनका जो भाषण
है जो आखिरी लोकसभा में जो उन्होंने दिया

जी लेटेस्ट व वो
भाषण वर्तमान में मैंने क्या किया और मैं
चुनाव में जाकर क्या करने वाला हूं यह
बताने के बजाय जवाहरलाल नेहरू ने कितनी
गलतियां की व कब तक गिना होगे भैया कब तक
गिना

होगे और कितना झूठ बोल के गिना होगे
कितना मिस्कोट
करोगे य पर
थोड़ा डर है जो आप बारबार कह रहे य सत्ता
से हटने का डर है नरेंद्र मोदी जी जब से
सत्ता संभाली है जब चीफ मिनिस्टर बने तब

से उन्होंने कभी पराजय देखी नहीं मैं
दूसरी क्यू कि आप थोड़ा सा मुझे आज
कन्फ्यूज कर क्योंकि मेरा कन्फ्यूजन बढ़
रहा है मेरा कन्फ्यूजन इसलिए बढ़ रहा है
कि भाई वो तो मोदी जी तो बहुत हंसते हुए

और कंफर्ट के साथ कह रहे हैं बहुत ही
सहजता और हंसते हुए मुस्कुरा के कह रहे
हैं कि हम 370 ला रहे हैं सीटें हम 370
बीजेपी 370 ला रही है यह मोदी जी
पार्लियामेंट में ऑन रिकॉर्ड बोल रहे हैं

और आप कह रहे हैं कि वो डरा हुआ आदमी है
वो कह रहा है मैं 370 ला रहा हूं आप कह
रहे हो आदमी डरा हुआ है सुनिए यदि 370 सीट
बीजेपी को
आती तो बीजेपी इंडिया गठबंधन को अपने
हिसाब से लड़ने

देती यदि 370 उनकी सीटें आती तो चंडीगढ़
की एक लोकसभा अपने पास आने चाहिए इसलिए
राज लो प्रजातंत्र की हत्या नहीं करती यदि
उनको 370 सीटी की पूरी गारंटी होती तो फिर
जिस नीतीश कुमार ने इनके मुंह पर तमाचा

मार के जातीय जनगणना की उसके चरणों में
नहीं जाते नीतीश कुमार तो वही है
मुख्यमंत्री यह वही गए यदि यह इस स्थिति
में नहीं होते 7 की स्थिति में होते तो यह
सोरन को तो सोरन की तरफ देखते भी नहीं ये

केजरीवाल की तरफ देखते नहीं और यदि यह
कहते हैं मैं फिर से रिपीट कर रहा हूं यदि
यह कहते हैं कि हम भ्रष्टाचार की लड़ाई
लड़ रहे हैं हम सोरेन को हम केजरीवाल को

स्टेज जेल डालना चाहते क्योंकि वो भ्रष्ट
है मैं स्वागत करता हूं इस बात का
प्रधानमंत्री के तो फिर अजीत पवार भी अंदर
जाने चाहिए नारायण राणे भी अंदर जाने
चाहिए छगन भुजबल भी अंदर होने चाहिए फिर ऐ
बहुत बड़ी रि है जिनके ऊपर अथक भ्रष्टाचार

के आरोप है प्रधानमंत्री के खुद के
मंत्रिमंडल में 33 प्रत मंत्री दागी है तो
फिर आप किस ट्रांसपेरेंसी की बात करते हैं
आप किस भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ने की बात
करते हैं भ्रष्टाचार सिर्फ विरोध में है
क्या कल हेमंत सोरेन बीजेपी का धामन थाम

ले तो जेल के बाहर
होंगे क अरविंद केजरीवाल यदि जाएंगे
बीजेपी के साथ तो यही शराब की नीति सबसे
बड़ी नीति
होगी
किसको बता रहे जनता मूर्ख नहीं है दीपक

भाई भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते हो और
भ्रष्टाचारियों को गले लगाते हो सत्ता का
सिर्फ मक्खन खाने के लिए आपको भ्रष्ट लोग
भी चलते और उन्ह भ्रष्ट हमने नहीं कहा
आपने कहा अजित पवार को जेल भेज रहे थे

अजित पवार डर गए साथ आ गए अजत पवार उप
मुख्यमंत्री है नहीं तो क्या कहा था चक्की
पिसिंग एंड
पिसिंग वही आप केजरीवाल के बारे में बो
एकना देखिए
आप लेकिन कुछ लोग हैं अनिल देशमुख जैसे

शेर है जेल जाते हैं लेकिन टस से मस् नहीं
होते क्या हुआ अनिल देशमुख की ड़ ने अनिल
देशमुख को घेरा था महाराष्ट्र के
गृहमंत्री है सर छोटा मोटा राज्य नहीं है

दूसरे नंबर का राज्य 48 सीट है इस देश का
रेवेन्यू देने वाला सबसे बड़ा राज्य
है उसके ग्राह मंत्री को डेढ़ साल तक आपने
रगड़ा है जेल में और जब उसको जमानत दी तो
जज सब क्या करते कि तो कैसे नहीं ब

100 करोड़ का आरोप सा करोड़ का
इन्वेस्टिगेशन और चार सीट में एक करोड़ 40
लाख कहां का न्याय
है मजाक लगा के रखा है प्रजातंत्र और
लोकतंत्र का अरविंद केजरीवाल भ अरविंद

केजरीवाल भ्रष्ट है तो जेल जाना चाहिए तो
फिर ये बाकी लोग भी जेल जाना चाहिए ये लोग
आपके साथ सत्ता में कैसे बैठे
हैं र आपको लगता है जैसे जब आप आप जाते
हैं कि चलिए जो समझदार आदमी है पढ़ा लिखा

आदमी है वो मोदी जी के दाव पेज समझ रहा है
कि सारा कुछ य मार्केटिंग है मार्केटिंग
मार्केटिंग मार्केटिंग किस तरह से इवेंट
को मैनेज करना है चाहे वो मंदिर हो या कोई
स्पेशल सेशन हो पार्लियामेंट में चाहे
औरतों को लेकर पूरी 26 जनवरी की मार्च को

ही वुमेन एंपावरमेंट ने दिखा दिया भले ही
जो नारियों का शोषण है जितने केसेस बड़े
हैं अत्याचार बड़ा है महिलाओं के खिलाफ एक
लंबी लिस्ट है क्या आपको लगता है कि जो
मार्केटिंग है मोदी की पढ़े लिखे देश के

लोग तो समझ रहे हैं वो चाहे मुसलमान हो या
हिंदू हो सवर्ण हो पिछड़े हो अगड़े हो जो
पढ़ा लिखा तबका है वो टाइगर मोदी जी के इस
खेल को मार्केटिंग को समझ रहा है कि गोदी

मीडिया को कैप्चर करके अदालत को कैप्चर
करके क्या हो रहा है मैं एक चीज आपसे पूछ
रहा हूं आप गांव में भी रहते हैं आप
कस्बों में भी जाते हैं जब आप निकलते हैं

कवर करने केलिए क्या जो कस्बे का आदमी
क्या जो किसान है वो भी इस खेल को समझ रहा
है यकीनन कैसा समझ रहा है मैं थोड़ा एक 30
सेकंड में बताऊंगा आपको महाराष्ट्र में
सिंचाई घोटाले से राष्ट्रवादी पार्टी
कितनी घोटालेबाज पार्टी है यह सबको पता

था और इसके बैकग्राउंड पर जब सेना और
बीजेपी इकट्ठा चुनाव लड़ रही थी तब मैंने
य आकलन किया था कि कांग्रेस को तो 10 भी
सीटें मिलना मुश्किल है और शरद पवार 10 से

12 सीटों से ज्यादा 282 की विधानसभा में
बता
लेकिन अजीत पवार को लेकिन शरद पवार को ईडी
का नोटिस
मिला और उस नोटिस से मराठा सेंटीमेंट जग
गया मराठी अस्मिता पर शरद पवार ले गए और

सिध बदल गया बीजेपी सत्ता से बाहर हो
गई तो कुल मिला के यदि आप ठीक से इसको
आकलन करें तो पूरे महाराष्ट्र को मालूम है
कि सिंचाई घोटाला में पैसा किसने खाया

क्या महाराष्ट्र को मालूम मान भुजबल क्या
कर रहे हैं क्या महाराष्ट्र को मालूम नहीं
यह सारे कागज कौन लाया बाहर बीजेपी लाई
बीजेपी ने ही इनका कच्चा चिट्ठा खोला इनके
खिलाफ जनाक्रोश पैदा किया तो बीजेपी ने तो

इनको भ्रष्ट साबित कर दिया अब जब उनके साथ
सत्ता में है तो अब बीजेपी को जवाब देना
मुश्किल पड़ रहा है कि अब य अच्छे कैसे हो
गए सवालों के जवाब नहीं देते एमएलए भग
जाते हैं और जनता को समझ में आ गया कि तुम

भ्रष्टाचार से कोई लेना देना नहीं तुम्हे
सत्ता का मक्खन खाने के लिए भ्रष्ट भी
व्यभिचारी भी सब चलता है सत्ता
चाहिए ये महाराष्ट्र का उदाहरण है यही
आसाम का उदाहरण है यही झारखंड का उदाहरण
है क्या झारखंड में बीजेपी सरकार नहीं थी

क्यों गई सत्ता से बाहर बीजेपी क्या
बीजेपी के समय भ्रष्टाचार नहीं हुआ क्या
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार नहीं हुआ क्या
कर्नाटक में बीजेपी ने भ्रष्टाचार 40 पर
के टैग बीजेपी सत्ता से बाहर नहीं

लोग जानते हैं भ्रष्टाचार क्या है और जब
भ्रष्टाचारियों को गले लगाओगे तो लोग यह
भी जानते हैं कि आप सत्ता के चक्कर में
ऐसे कर रहे हो तो आपकी भ्रष्टाचार की
लड़ाई बेनामी है यह फरेब है यह जनता के

साथ धोखा है जी लेकिन यह सब क्यों करना
पड़ रहा है क्योंकि आप सत्ता से बाहर जाते
हुए दिखाई दे रहे हैं और जब मैं सत्ता से
बाहर जाने जाता हूं तो फिर होता है ना कि
मरता सारे घोड़े
और सारे घोड़े खोल दिए हैं और सबसे बड़ा

घोड़ा जो है जो सबसे आगे दौड़ रहा है
जिसने कई बार रिजल्ट दिया है वो ईडी है
ईडी र लास्ट क्वेश्चन समय भी हो रहा है
गोदी मीडिया जिस तरह से बता रही है और
अखबार जो है वह बता रहे हैं कि मोदी की जो

इस बार की जो यात्रा है 204 के चुनाव की
बहुत ही आसान सारे कांटे मोदी निकाल चुके
हैं बहुत आसान सफर है और 300 के ऊपर मोदी
जी जा रहे हैं यानी 2014 और 2019 से कहीं

ज्यादा मोदी जी की ये जीत आसान है एक तरफा
लड़ाई है ऐसी बातें अखबार कर रहे हैं और
टीवी चैनल कर रहे हैं क्या आपको लगता है
कि लड़ाई एक तरफा है या युद्ध असली अभी
होना बाकी है टक्कर

है देखिए सारे टीवी चैनल यदि वास्तविकता
में क्या है यह बताना शुरू करेंगे तो उनको
वहां भी ईडी पहुंचेगी
हां और कई कई लोग उसमें से जेल में
होंगे जिन्ने मीडिया का यूज करके अकूत

संपत्ति और भ्रष्टाचार किया है मीडिया में
भ्रष्टाचारी ऐसा नहीं है सारे मालिक जो है
कहीं ना कहीं उलझे हुए हैं इसलिए बंदर
जैसे नाच रहे हैं

सामने तो वो तो बोलेंगे नहीं वो तो उधर से
यदि बोला कि अगली बार 700 पार तो यह पूछने
की हिम्मत नहीं करेंगे कि सर 700 तो आकड़ा
ही नहीं
है लोकसभा में 700 तो लोग ही नहीं है

लेकिन जब उधर से नंबर आएगा अबकी बार 700
पा तो यह बोलेंगे 7 प 700
प यह तो सर ये हिल स्टेशन की इको पॉइंट है
ऊपर से आप आवाज लगा दो रमेश नीचे से आवाज
आती है रमेश रमेश

रमेश 400 400 400 400 य इको पॉइंट
है जी ये ये आईना नहीं है इनको य आना
पड़ेगा आईना बताने के लिए प्रामाणिकता नी
पड़गी ट्र लानी पड़गी लोगों के सामने जाना
होगा लास्ट कमेंट क्या वाकई टक्कर है आपको

लगता है जो आप भ्रमण करके लौटे हैं दिल्ली
टक्कर नहीं है
सर मैं यह नहीं कह रहा हूं कि इंडिया से
टक्कर है हर राज्य में क्षेत्रीय दल पानी
पिला रहा
है मुसीबत आम आदमी पार्टी की है कांग्रेस

से डर नहीं है
क्योंकि कांग्रेस में तो आधे इन्हीं के
पेरोल के लोग बैठे हुए
हैं या इनसे ही लाइ लोग बैठे हैं जो इनकी
मदद करते हैं लगातार और मैं इसके लिए
बीजेपी को दोषी नहीं देता हूं बीजेपी एक

राजनीतिक दल है सारे हंडे अपनाते हैं य तो
कांग्रेस ही मूर्ख है जो बीजेपी के सिपर
को भी अपने पार्टी में लेकर अपने खास बन
के चलते हैं उन्हीं के हाथ में रणनीति सोप
देते हैं लेकिन इन्ह डर है इनकी जो तकलीफ
है व ममता बैनर्जी से है इनकी तकलीफ लालू

यादव से थी इनकी तकलीफ झारखंड में
कांग्रेस से नहीं हेमंत सोरन से है इनकी
तकलीफ आम आदमी पार्टी से है इनकी इनकी
तकलीफ स्टेलिन से है इनकी तकलीफ जो है ये
रीजनल पार्टी से है शिवसेना से है शरद

पवार से
है उस तकलीफ को कैसा के हां डी के शिव
कुमार क्योंकि वो अपने आप में
है इनकी हां तो ये करे
कैसे करे कैसे
इसका मतलब आपका ये कहना है कि जो कुछ हम

देख रहे हैं चाहे
ईडी हेमंत सोरेन को जेल भेज भेज दिया हो
या फिर तेजस्वी की घेराबंदी हो रही हो या
अब अरविंद केजरीवाल के पीछे ईडी पड़ गई
हाथ धो के टाइगर का आपका जो कहना है कि
नहीं ऐसा नहीं है 400 पार की स्थिति नहीं

है अगर 400 पार की स्थिति होती तो ईडी इस
बेशर्मी के साथ और मोदी जी आंख बंद करके
अपनी बदनामी करवाने के लिए वो हेमंत सुरेन
को झारखंड में गिरफ्तार करवाते उनकी
मजबूरियां है और मजबूरियां अरिदमन की कि
कहीं ना कहीं गणित साथ नहीं दे रहा है और

मोदी जी चाहते हैं कि गणित थोड़ा सा साथ
दे जाए भले ही थोड़ी केमिस्ट्री खराब हो
जाए तो इसलिए ये ईडी की कारवाई हो रही है
मजबूरी में क्योंकि पर्दे के पीछे जो
दिखाया नहीं जा रहा टक्कर है मोदी जी के

स्कूल में केमिस्ट्री सब्जेक्ट नहीं है
सिर्फ अथमे िक है सिर्फ केमिस्ट्री आपको
और हमको लगता है दे डोंट टीच केमिस्ट्री
अप बनाने केलिए और नया गणित का एक प्रयत्न
किया था इन्होने चंडीगढ़ में यदि व सफल हो
जाता

सही जहा पर 20 वोट को 12 किया जा रहा था
और 16 को जिताया जाहा था यह मोदी जी की नई
गणित है और देखते हैं गणित कितनी
कामयाब गणित फेल हो गई र आप आए बड़ी
बेबाकी से आपने सारी बातें रखी और बहुत
हिम्मत के साथ जो आप बोलते हैं जो कलेजा

लेकर चलते हैं वाकई शेयर जैसा कलेजा है
थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग और जो स्पिरिट
के साथ आप बोलते हैं कमाल है लोग बारबार
सुनते हैं आपको इसीलिए थैंक यू सो मच
धन्यवाद

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