Mahishasur Mardini Stotra in Hindi|Aigiri Nandini|महिषासुर मर्दिनि स्तोत्र हिन्दी में bhajan - instathreads

Mahishasur Mardini Stotra in Hindi|Aigiri Nandini|महिषासुर मर्दिनि स्तोत्र हिन्दी में bhajan

हे गिरि नंदिनी विश्व की स्वामिनी नंदी गण

तव शरण रहे बंज गिरी पर रहने वाली इंद्र

देव तव नमन करे भगवती गौरी शिव अर्धांगिनी

जग का नित उद्धार करे जय जय मा महिषा सुर

मदनी हम तेरा जयकार करें हेव जो बल देने

वाली राक्षस दल को नष्ट करे करत गत जना

देवी महेश्वरी असुरों का संघार करे

अहंकारी दानव दल डर डर सिंधु सुता जब

क्रोध करे जय जय मां महिष सुर मति हम तेरा

जयकार करे सदा प्रसन्ना मा जग कदंब कदम

वनों में वास करे बैठी वैष्णवी हिम शिखरों

में विकट गुफा में ध्यान करे मधु स मधुर

मोहिनी माता मधु केटब का नाश करे जय जय

मां महिषासुर मर्दिनी हम तेरा जयकार करे

दैत्य मुंड कर खंड असुर गजराज शंड सो खंड

करे सीख चड़ चले चं चं का चंद्र वदन जब

युद्ध करे हाथ रे तलवार मार कर चंद मु के

शीष हरे जय जय मा महिषा सुर मदनी हम तेरा

जयकार

[संगीत]

करे

[संगीत]

ण छी अपार शक्ति धर शत्रु दलों का नाश करे

त्रिपुर सुंदरी आदि शक्ति मा शंभु प्रिया

कल्याण करे दुष्ट

दुराचारी पापी दानव दूतों का नाश करे जय

जय मां महिषासुर मर्नी हम तेरा जयकार करे

शत्रु बधु ज प्र शरण में आई शरणागत पर

कृपा करे भद काली मारे त्रिशूल और असुर धन

के शीष हरे तुम तुम बाजे शंख गुंड बी स्व

नभ में जयघोष करे जय जय मा महिषा सुर मथनी

हम तेरा जयकार करे धूम्र धूम्र धूमावती मा

धू प्र लोचन के प्राण हरे काली कालि का

खप्पर वारी रत बीज लहु पान करे शुंभ नि

शुंभ की बली चढ़ा भैरव को सदा प्रसन्न करे

जय जय मां महिषासुर मदिनी हम तेरा जयकार

करे धनुष बाण कंचन के कंगन खड़क कटा

हाथ धरे रुद्राणी जब खड़ग चलावे असुर

मुंडल बीच गिरे महामाया मातंगी माता अं

हासिक लाल करे जय जय मा महिषासुर मति हम

तेरा जयकार

करे

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

का थई तत् थई धूम किट तक थई स्वर्ग अप्सरा

नृत्य करे धु धु किट धु धु किट तकि धूम त

किट सुमधुर फरी मृदंग बजे नृत्य मगन नट

राजेश्वरी के ण छण झंकृत नुकर बजे जय जय

मा महिषासुर मटनी हम तेरा जयकार करें हमरे

जैसे श राम श्याम सुंदर मन मोहक नैन बने

चमक मुख है कोटि चंद्र सा कांति तुम्हारी

चित्त हरे मुरली बजाव कला स्वामिनी गुण

गावत गंधर्व फिरे जय जय मां महिषासुर मथनी

हम तेरा जयकार करे जोनर सुमिरन करे निरंतर

चरण कमल की भक्ति करे कमला सनी लक्ष्मी

नारायण सुख संपति धन धान्य करे सरस्वती

विद्या वरदायनी अंधकार अज्ञान हरे जय जय

मां महिषासुर मदनी हम तेरा जयकार करे आत्म

ज्ञान के बाण मार कर पलने पाप विनाश करे भ

बंजन दुख नाशिनी देवी भक्त जनों के दुख

भले हे करुणामय दयावती मां कृपा करो हम

शरण पड़े जय जय मां महिषासुर मति हम तेरा

जयकार

करे

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