Mayawati का ये निर्णय Modi - Shah के होश उड़ा देगा? - instathreads

Mayawati का ये निर्णय Modi – Shah के होश उड़ा देगा?

दोस्तों नमस्कार मैं आपको एक ऐसी खबर से
रूबरू करा रहा हूं कि आप भी चौक
जाएंगे इस समय जो देश के हालात है और जो
सियासत की हवा
है उसमें शायद अब आपको यह उम्मीद भी नहीं

होगी कि इंडिया एयरलाइंस में कोई बड़ा
धमाका
होगा आज अरविंद केजरीवाल ने रही सही कसर
भी पूरी कर दी दिल्ली में उन्होंने छह
प्रत्याशी छह सीटों का अपना ऐलान करते हुए

कहा कि एक सीट कांग्रेस पार्टी लड़
ले पंजाब में वो पहले ही ऐसी बात कह चुके
हैं नीतीश कुमार बाहर जा चुके हैं ममता
बनर्जी भी अलग से चुनाव लड़ने की बात कर
रही

हैं उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी समाजवादी
पार्टी का दामन छोड़ कर के मोदी की गोद
में बैठ चुके हैं इधर किसानों का एक
आंदोलन फिर से शुरू हुआ है और दूसरी तरफ
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा

चल रही है इस सबके बीच एक
ऐसा शिकंजा कसा जा रहा है धीरे-धीरे और एक
ऐसी
राजनीति बुनी जा रही है कि जो
अगर सफल होती
है और वह जब उद्घाटित

होगी तो पूरा देश चौ
केगा और मैं बात कर रहा हूं उत्तर प्रदेश
की सबसे कद्दावर
लीडर और उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश की
सबसे बड़ी दलित
लीडर उत्तर प्रदेश की चार बार की

मुख्यमंत्री बापा सुप्रीमो मायावती
की मायावती की राजनीति को देख और समझने
वाले
लोग आज ना जाने किस किस तरह के इल्जाम उन
पर लगाते
हैं कोई कहता है कि मायावती डरी हुई है
ईडी से सीबीआई से तो कोई कहता है कि
मायावती बीजेपी की बी टीम हो गई

है तो कोई कहता
है कि
मायावती खामोश रह करर
के किसी तरीके से अपनी राजनीति को जीवित
रख रहे
हैं और सबसे ज्यादा जिस बात का विमर्श

होता
है कि मायावती डरी हुई
है ईडी से सीबीआई से मोदी और अमित शाह
से लेकिन दोस्तों यह बात मैं कई बार कह
चुका हूं और बार-बार कहता

हूं कि मायावती किसी से नहीं
डरती और अगर मैं मैं यह कहूं कि मायावती
को डराने वाला आज भी कोई देश में पैदा
नहीं मायावती डरती है तो खुद से डरती
है वह एक रणनीति के तहत अपनी राजनीति करती

है और मोदी और अमित शाह में भी उ हिम्मत
नहीं है कि वह एक ईडी का अधिकारी उनके
दरवाजे पर
भेजते और यह गुस्ताखी कभी मोदी नहीं कर
सकते वो जानते हैं कि उसका अजम क्या
होगा जो लोग यह कहते हैं कि मायावती डरी

हुई है मैं उनसे पूछना चाहता
हूं कि 2019 में भी यही सिचुएशन
थी तब भी लोग कह रहे थे कि मायावती डरी
हुई
है लेकिन उन्होंने समाजवादी पार्टी से

गठबंधन किया था
ना उस गठबंधन का अंजाम क्या हुआ मैं उस पर
नहीं जा रहा
हूं 15 सीट जी थी दोनों ने मिलकर
के और गठबंधन थोड़ा पहले हो जाता और जमीन

पर काम हो
जाता
तो नतीजा कुछ और
होता लेकिन जो नहीं हुआ उसके बारे में
क्या बात करना मैं सिर्फ यह बात इसलिए कह
रहा हूं कि जो लोग यह कहते हैं कि मायावती
डरी हुई

है तो उनको 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले
की भी परिस्थितियों को देखना चाहिए
और इसलिए मैं मानता हूं कि
मायावती ना डरी हुई

है और ना ही वे चुनाव के प्रति आ गंभीर है
माने बहुत हल्के में भी नहीं लेती किसी भी
चुनाव रणनीति उनकी फेल हो जाए तो अलग मसला
है कई बार एक तीर से वो कई निशाने साध
सकती हैं बहुत अच्छी रणनीति का में मानता

हूं
अब जो परिस्थितियां बनी है इंडिया
एलाइंस एक तरह
से नैरेटिव के स्तर पर तो कमजोर हो ही
चुका

है उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों के बाद
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा
पहुंच रही
है अंदर खाने कुछ बुना जा रहा है आहिस्ता
आहिस्ता
वो बुनावट क्या है वो इतनी महीन कारीगरी

है कि जब वो उद्घाटित होगी तो आप बचक के
रह
जाएंगे और मैं बहुत विश्वसनीय सूत्र के
हवाले से यह बात कह रहा हूं नाम में
उद्घाटित नहीं करना

चाहता एक
नई
राजनीतिक बुना जा रहा है एक एक तरह का वो
रणनीति
जाल और व
है सपा बसपा और कांग्रेस का गठबंधन

बहुत आहिस्ता
आहिस्ता काम चल रहा
है बातचीत हो रही
है सब यह जानते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश
में यह कॉमिनेशन होता
है तो

ये बीजेपी के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा
और आप यह कहे कि बीजेपी
को उसके मंसूबों को ध्वस्त करने वाला यह
काम

होगा राहुल गांधी जब उत्तर प्रदेश
पहुंचेंगे लखनऊ पहुंचेंगे अखिलेश यादव तो
पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वह रायबरेली
अमेठी में कहीं भारत जोड़ो न्याय यात्रा
को जवाइन

करेंगे लेकिन असली जो खेल है वह है कि
हाथी किस करवट बैठने वाला
है और वजन उसका कितना होगा मैं एक वीडियो
में यह भी कह चुका हूं कि मरा हुआ हाथी भी

सवा लाख का होता है और यह तो अभी जिंदा
है हाथी अभी मरा नहीं
है उसकी कीमत आप आक नहीं
सकते बस हाथी वो थोड़ा मस्त मौला है अपनी
गति से चलता
है

मायावती को एक
सम्मानित आश्वासन
चाहिए और इस वक्त राहुल
गांधी कोई भी दाव नहीं छोड़ना
चाहते अगर परिस्थितियां

ठीक ठाक
रही तो मायावती को एक बेहतर पोजीशन पर ले
जाकर के इंडिया
एलायस लोकसभा चुनाव लड़ सकता है नीतीश
कुमार जा
चुके आप समझ सकते हैं कि मेरा इशारा कहां

है मायावती के प्रशासन से कौन वाकिफ नहीं
है
बहुत मकबूल हासिल की थी मायावती ने अपने
कानून व्यवस्था के मामले
में राहुल गांधी भी इस बात को जानते हैं

कि अगर मायावती जैसी
शख्सियत कभी सरकार में हो और उसके हाथ में
वो बागडोर हो कि जिसके
जरिए जो गॉड से बाद
है जो फासिस्ट हिंदुत्व है उसको कैसे जमी

दोज किया
जाए उसकी लगाम को कैसे थामा जाए उसे कैसे
नाथा
जाए यह काम मायावती से बेहतर कोई नहीं कर
सकता और मजाल की किसी की हिम्मत हो जाए
मायावती के सामने खड़े होने की आज भी व
भाषा वो

टेंपरामेंट आपने देखी होगी उनके पिछले
प्रेस कॉन्फ्रेंस
में तो जो अंदर ही अंदर पक रहा है वह जिस
दिन आएगा

सामने
वह मोदी और शाह को सोने नहीं देगा कई
रात इस पर काम चल रहा
है और
व बेहतर कॉमिनेशन राहुल गांधी की इस
यात्रा के जरिए सामने आ सकता है उस वक्त

सामने आ सकता है न्याय की बात चल रही है
और वह राजनीतिक न्याय की
जिसमें तिरंगे को फहराने वाला कोई
मल्लिकार्जुन खड़गे हो कोई मायावती य
संभावनाए बनाए

रखना
और इस देश की सत्ता की उस दलित वंचित तबके
के पिछड़े के हाथ में
देना और उसके जरिए न्याय स्थापित करना
सामाजिक न्याय सोशल डेमोक्रेसी को मजबूत
करना इकोनॉमिक जस्टिस

करना और यह तभी संभव है जब बागडोर किसी
ऐसे व्यक्ति के हाथ में
हो जिसने उस गुरबत को देखा भी हो साहा भी
हो जो जमीन से जुड़ा हुआ
जिसमें निर्णय लेने की क्षमता
हो जो डरता ना

हो उसका नाम मायावती
है यह खेल अभी चल रहा है और हो सकता है कि
राहुल गांधी की उस भारत जोड़ो न्याय
यात्रा

में इसकी कुछ चीजें सामने आए देखते रहिए
अभी उत्तर प्रदेश में बहुत कुछ बाकी है
शुक्रिया

Leave a Comment