‘MSP के मामले…’, Farmers Protest पर PM Modi के कृषि मंत्री Arjun Munda बोले हमारा दरवाजा खुला है' - instathreads

‘MSP के मामले…’, Farmers Protest पर PM Modi के कृषि मंत्री Arjun Munda बोले हमारा दरवाजा खुला है’

मैं अभी भी आसान बत
हूं मैं मानता हूं कि बातचीत के माध्यम से
समाधान निकल सकता है हमें अभी ही सारी
चीजें हो जाना चाहिए यह मैं समझता हूं कि
राजनीति से प्रेरित नहीं होना चाहिए तो

कांग्रेस के साम सामने ही स्वामीनाथन
कमेटी की बात आई थी उस मामले में उन्होंने
ही उस समय क्यों खारिज कर दिया हम तो
हमारा दरवाजा खुला हुआ हम खुद ही चंडीगढ़

गए थे दो बार हमारी बैठक केंद्रीय कृषि
मंत्री अर्जुन मुंडा इस वक्त हमारे साथ
बातचीत करने के लिए मौजूद है सर लगातार जो
किसान हैं वह बॉर्डर्स पर पहुंच रहे हैं
आंसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं

उनकी जो मांग है उसको लेकर के आप लोगों ने
मीटिंग भी किया था किस तरीके से आगे अब आप
लोग आगे
बढ़ेंगे

देखिए मैं अभी भी आसान वित
हूं मैं मानता हूं कि बातचीत के माध्यम से
समाधान निकल सकता है यह बात उन्हें भी
समझना चाहिए जो बात वह कह रहे हैं सरकार
की पद्धति होती है सरकार के मापदंड होते
हैं के जो

ऐसे मामले जो राज्यों से सन्निहित है उनके
साथ भी बातचीत करना औपचारिक तौर से और
उसके बाद संगठनों के साथ भी बात करना और
साथ ही साथ अनुकूल प्रतिकूल ऐसे विषयों पर
भी चर्चा करना जिससे कि किसानों के हित और
देश के हित में

हो
लेकिन इस बात को समझने की जरूरत है इस बात
को यदि हम समझेंगे तो स्वाभाविक रूप से
इसका समाधान को अच्छे ढंग से निकाल पाएंगे
एमएसपी की गारंटी की मांग और इसके अलावा
कर्ज माफी को लेकर के किसानों की तरफ से

लगातार दे एमएसपी की बात यदि आप
देखें तो आप इसका अध्ययन करिए
कि एमएसपी
में 2013 और 14 के तुलना में
2024 में आज एमएसपी की दर क्या

है हम भी चाहते हैं कि किसानों के किसी भी
ऐसे उत्पाद जिसमें एमएसपी दर तय होता है
वह उसके माध्यम से उससे कम में ना बिके
लेकिन एमएसपी के मामले
में यह बात कहते हुए कि हमें अभी ही सारी

चीजें हो जाना चाहिए यह मैं समझता हूं कि
राजनीति से प्रेरित नहीं होना चाहिए कई जो
पॉलिटिकल पार्टीज है वो भी समर्थन कर रहे
हैं इस आंदोलन को लेकर कुछ पॉलिटिकल

पार्टी है जो समर्थन देखिए मैं पॉलिटिकल
पार्टी के बारे में इतना ही कह सकता हूं
कि किसानों के मामले
में
उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए और खास

करके यदि हम कांग्रेस की बात करें तो
कांग्रेस के साम सामने ही स्वामीनाथन
कमेटी की बात आई थी कुछ मामले में
उन्होंने ही उस समय क्यों खारिज कर दिया

हमने तो आंशिक रूप से कई मामले में
पॉजिटिव तरीके से प्रारंभ किया है जो
किसान भी मानते हैं अभी किसानों के ऊपर
आंसू गैस के गोले छोड़े गए कई जगहों पर

शंभू बॉर्डर इसको कैसे रोका जाएगा क्योंकि
वो दिल्ली आना चा देखिए ऐसा है
कि अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग प्रशासनिक
व्यवस्था है अपने अपने राज्य में

वह इस बात को कि वहां का लॉ एंड ऑर्डर
अच्छा रहे उसके दृष्टि से कुछ हो रहा है
नहीं हो रहा है यह मेरे जानकारी में नहीं
है मैं इतना ही कह सकता हूं कि किसानों को

संवेदनशीलता के साथ विचार करने के लिए
बातचीत के माध्यम से हम समाधान ढूंढे एक
अंतिम सवाल क्या आगे भी आप लोगों की ऐसे
बैठक होगी समाधान ढूंढने के लिए हम तो

हमारा दरवाजा खुला हुआ है हम खुद ही
चंडीगढ़ गए थे दो बार हमारी
बैठक

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