Yogi Adityanath Speech on Muslims: योगी का मुस्लिम भाईयों को डायरेक्ट पैगाम | CM Yogi | Muslims - instathreads

Yogi Adityanath Speech on Muslims: योगी का मुस्लिम भाईयों को डायरेक्ट पैगाम | CM Yogi | Muslims

मथुरा और काशी पर आगे क्या होने जा रहा है
इसे लेकर आज योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत
बड़ा काम किया चार मिनट 21 सेकंड में योगी
आदित्यनाथ ने देश के मुसलमान भाइयों को एक

सीधा पैगाम भेज दिया साफ-साफ मैसेज दिया
कि मथुरा और काशी पर मुस्लिम भाई अपना
दावा छोड़ दें किसी और धर्म स्थल पर कोई

आदित्यनाथ ने की योगी आदित्यनाथ ने आज
अयोध्या की बात करते हुए रामधारी सिंह
दिनकर की कविता रश्मी रथ की लाइने क्यों
पड़ी राम मंदिर की बात करते हुए उन्होंने
महाभारत का जिक्र क्यों किया योगी को आज

क्यों कहना पड़ा कि हिंदू अब गिड़गिड़ा
जाएगा नहीं मुसलमान अपनी सोच बदले योगी
आदित्यनाथ ने ऐसा क्यों
कहा कि जो अयोध्या को 500 साल तक अत्याचार
सहना पड़ा वह काशी और मथुरा के साथ नहीं
होने दिया
जाएगा योगी आदित्यनाथ ने आज बड़ा स्पष्ट

सीधा ऑफर दी
सवाल यह है कि उनका यह ऑफर क्या देश के
मुसलमान भाइयों को कबूल
होगा 80 में 80 नंबर कैसे लाना है 400 का
टारगेट कैसे पार करना है 80 फीस सनातन
वाला मैग्नेट कहां लगाना है योगी के दिमाग

में सब कुछ स्पष्ट है अखिलेश पीडीए पीडीए
जपते रहे योगी सनातन बाण चल दिए ऐसा बाण
चला अखिलेश का पीडीए भी साथ हो चला योगी
को बहुत अच्छे से पता है 80 सीट वाला
फार्मूला कहां छिपा है 80 सीट आएगी कैसे

सिंपल सा फार्मूला है जब राम लहर चलेगी
श्याम लहर चलेगी और शिव लहर सब एक साथ
चलेगी दिल्ली का सपना पूरा होगा जब लखनऊ
भी अपना होगा और सीधा रास्ता यह
होगा एक जिद

है और उस जिद में
जब
राजनीतिक उसमें तड़का पड़ने लगता है और
वोट बैंक बनाने की राजनीति होने लगती
है तो वहीं से फिर विवाद की स्थिति खड़ी
होने लगती

है यानी लोक आस्था भारत के अंदर लोक आस्था
का अपमान हो बहुसंख्यक समाज गिड़गिड़ा
है यह पहली बार देखने को
मिला दुनिया देख रही है स्वतंत्र भारत में

काम पहली बार पहले पहले होना चाहिए था
1947 में प्रारंभ होना चाहिए
था और उस आस्था के
लिए बार-बार गुहार लगाता रहा हमने तो केवल
तीन जगह मांगी अन्य जगहो के बारे में कोई

मुद्दा नहीं
था अयोध्या के लिए और देखिए अयोध्या का
उत्सव लोगों ने देखा तो नंदी बाबा ने भी
कहा भा हम काहे इंतजर
करें

उन्होंने भी इंतजार किए बगैर रात्रि में
बैरिकेड तोड़वा
डाले और हमारे कृष्ण कन्हैया कहां मानने
वाले

हैं अखिलेश पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक वोट का
जुगाड़ करते रहे योगी ने राम नाम लेकर
अखिलेश का पूरा पीढ़ उनके पीछे से ही साफ

कर दिया यह बात समझने वाली है कि कैसे
मोदी अटेंप्ट कर रहे हैं और योगी कैसे
क्रिएट कर रहे हैं मिशन 370 सीट का है
रास्ता एक है मोदी विनय से विजय समझा रहे

थे और योगी 80 सीट के विजय का सीधा रास्ता
बता रहे थे पिछड़े दलित का रास्ता भी
सनातन है और अल्पसंख्यक वोट का भी रास्ता
सनातन है अखिलेश को पीडीए के ए पर सबसे
ज्यादा भरोसा है लेकिन योगी 80 सीट के लिए

पीडीए के के को भी सेट कर रहे हैं विदेशी
आक्रांता
ने केवल इस देश के अंदर धन दौलत ही नहीं
लूटा
था इस देश की आस्था को भी रने का काम किया

था दुर्भाग्य है आजादी के बाद उन विदेशी
आक्रांता को महिमामंडित करने के कुछ
प्रयास
हुए अपने वोट बैंक
के अपने वोट बैंक के लिए भारत का हर
नागरिक मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने एक दिन
सुप्रीम कोर्ट
की एक

अधिवक्ता संभवत मैं उसका नाम जान नहीं पा
रहा हूं लेकिन को संभवत कोई सुब खान
है उन्होंने उनका एक वक्त मैं सुन रहा था
बहुत अच्छा वक्त उन्होने कहा देखिए हम सब

सनातन धर्मावलंबी है हा मेरा मजहब इस्लाम
हो सकता है और मेरी उपासना विधी है मेरा
मजहब है लेकिन जन्म से हम सनातनी भारतीय
है ये बोलने में संकोच
क्या

लेकिन यहां तो अपनी पहचान को और भारत की
पहचान को ही समाप्त किया जाता
है योगी यह बातें हवाहवाई नहीं कर रहे
पूरा कैलकुलेशन के साथ कर रहे हैं 2019
में बीजेपी गठबंधन 64 सीटें जीतने में सफल

रही और 16 सीटों पर उसे हार मिली थी इसके
बाद 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में
बीजेपी की सीटें घट गई 202 में हारी
विधानसभा सीटों को लोकसभा के लिहाज से

देखते हैं तो करीब 27 लोकसभा सीटों पर
बीजेपी पिछड़ गई थी अल्पसंख्यकों का वोट
सेट करने के लिए बीजेपी कौमी चौपाल अभियान
प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर लगाने

जा रही है खास तौर से 23 लोकसभा सीटों पर
फोकस किया जाएगा ऐसी सीटें जहां पर 25 फीस
से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं इन 2 सीटों
पर चौपाल लगाने के लिए 4100 गांव का

गांव से चौपाल की शुरुआत होगी लेकिन उसके
बाद रोजाना 40 से 50 गांव में चौपाल लगाई
जाएगी 80 सीट ऐसे ही तो आएगी अखिलेश योगी
को बेरोजगारी महिला सुरक्षा कानून

व्यवस्था पर सुना रहे थे लेकिन योगी
उन्हें 2017 के पहले का वातावरण बता रहे
थे रामायण भी सुनाया और महाभारत भी सुनाया
और जब महाभारत का वृत्तांत दिनकर की

दृष्टि से बताया तो अखिलेश को सबसे ज्यादा
सुनाया अयोध्या के साथ अन्याय
हुआ और महोदय जब मैं अन्याय की बात करता
हूं तो हमें 5000 वर्ष पुरानी बात भी याद
आने लगती है उस समय पांडवों के साथ भी
अन्याय हुआ

था और उस
समय कृष्ण गए थे कौरवों के पास उन्होंने
भी कहा
था उन्होंने कहा था बस दे दो केवल 5च
ग्राम रखो अपनी धरती

तमाम हम वही खुशी से खाएंगे
परिजन पर असी ना उठाएंगे
लेकिन दुर्योधन वह भी दे ना सका आशीष समाज
की ले ना
सका यहां तक कि
उसने

भी भगवान श्री कृष्ण को बंधक बनाने का कुछ
प्रयास
किया उल्टे हरि को बांधने चला जो था साध्य
साधने
चला यही तो हुआ
था यही तो हुआ था अयोध्या के

साथ और यही हुआ काशी के के साथ और यही हुआ
था मथुरा के
साथ दुर्योधन ने कहा
था सुचा ग्रम नेवता स्यामी बिना युद्धे न
केसवा यानी सुवी की नोक के बराबर भी जमीन
नहीं दूंगा मैं कृष्ण युद्ध के बगर नहीं

दूंगा तो महाभारत का युद्ध तो होना ही
होना था क्या हुआ पूरा
कौरव पक्ष से ही स्वाहा हो
गया समाप्त
अखिलेश ने योगी से चुनचुन कर सवाल किए थे
तो योगी ने हर सवाल का जवाब भी चुनचुन कर

दिया सबसे ज्यादा अखिलेश ने योगी को पीडीए
समझाया लेकिन योगी का पीड़ रामायण महाभारत
से आया यूपी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी वाइस
चांसलर पीडीए कहां है
उसम

फिर पीडीए जाएगा
कहां फिर पीडीए कहां
जाए पीडीए जाए कहां
फिर मैं जानता हूं पीडीएफ नहीं बोलेंगे
आप मैं जानता

हूं मैं जानता हूं
पीडीएफ नहीं बोलेगा अयोध्या
में माता सबरी के नाम पर रसोई घर भी
प्रारंभ हो गया है क्या माता सबरी के
अनुयाई पीडीए के हिस्से हैं या नहीं
है रेन बसेरा भी अयोध्या में बन गया है और

यह निषादराज के के नाम पर बन गया
है क्या निषद राज के अनुयाई पीडीए के
पार्ट है या नहीं
है प्राचीन कुंडों का पुनरुद्धार हो रहा
है भरत
कुंड राम की मर्यादा परिवार की मर्यादा

क्या परिवार की मर्यादा है यहां तो पीडीए
हमारे डिप्टी सीएम ने कहा पीडीए का मतलब
है परिवार डेवलपमेंट
अथॉरिटी
गजेश जी ने अभी अपने उसम
कहा उनके पीडीए में और लोग हैं लेकिन चू

नहीं
है बेचारे हमेशा ठगे जाते हैं
ऐसे कब तक यह न्याय होगा पता नहीं महाभारत
को एक बार पढ़िए
महाभारत हां
एकदम आखिर आखिर परिवार के तीन सदस्यों के

नाम थे के नाम क्यों नहीं
था अ उनका भी नाम देते रि नेता थे बेचारा
रगड़ रड़ते अपने को जो
है पीडीए है ही
नहीं इसीलिए कह रहे ना

कि उन्होंने चचा चाचू को ही भुला गए
परिवार के या इस प्रकार से उन्होने
विस्मित कर दिया साइडलाइन में थे कैमरे के
फोकस में नहीं थे रेड कार्पेट पर नहीं चल
पाए इसीलिए हम कह रहे ना कि चच को ही भूल

गए और बेचारे चू देखते रह जा रहे हैं ठगे
ग एक बार फिर अब यह तो अगर प्रभु राम को य
लोग मानते तो चचों के साथ अन्याय नहीं
करते रामायण से
सीखते रामायण में सीख थे या फिर कम से कम
महाभारत से ही सीख
जाइए

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